बिहार में गंगा सहित सात घोषित राष्ट्रीय जलमार्गों का होगा विकास: परिवहन मंत्री कुमार
बिहार में गंगा सहित सात घोषित राष्ट्रीय जलमार्गों का होगा विकास: परिवहन मंत्री कुमार
पटना, 23 जनवरी (भाषा) बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य में गंगा सहित सात घोषित राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से जहां एक ओर अंतरदेशीय व्यापार को बल मिलेगा और नए रोजगार सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर पुलों पर भीड़ कम होगी, सड़कें क्षतिग्रस्त नहीं होंगी तथा प्रदूषण भी घटेगा।
परिवहन मंत्री शुक्रवार को कोच्चि में अंतरदेशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी) की तीसरी बैठक में बिहार की जलमार्ग क्षमताओं और भविष्य की संभावनाओं पर राज्य का पक्ष रख रहे थे।
उन्होंने बताया कि राज्य के सोनपुर के कालुघाट पर विकसित ‘मल्टीमॉडल टर्मिनल’ प्रतिवर्ष 77 हजार कंटेनरों के आवाजाही की क्षमता रखता है, यहां दो मालवाहक जहाज एक साथ ठहर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि कंटेनरों को सुरक्षित रखने, वजन मापने और जल-रेल-सड़क को जोड़ने की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे माल ढुलाई का समय और लागत दोनों कम हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि कालुघाट में लॉजिस्टिक पार्क की बुनियादी संरचना निर्माणाधीन है, जिससे सुरक्षित भंडारण की सुविधा भी जल्द शुरू होगी।
कुमार ने कहा कि राज्य सरकार सागरमाला योजना के तहत अंतरदेशीय जलमार्गों को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि पत्तन, जहाजरानी व जलमार्ग मंत्रालय, अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और राष्ट्रीय अंतरदेशीय नौवहन संस्थान (निनि) के साथ मिलकर बिहार में बंदरगाह भूमि (पोर्ट लैंड) विकसित किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि इसके तहत टर्मिनल निर्माण, कनेक्टिविटी, औद्योगीकरण और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बिहार में अंतरदेशीय जल परिवहन विभाग का पुनर्गठन कर ‘बिहार मैरीटाइम बोर्ड’ बनाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि आरओ-आरओ टर्मिनल, क्रूज टर्मिनल, वाटर मेट्रो, लॉजिस्टिक हब, औद्योगिक क्लस्टर और मैरीटाइम जोन का विकास पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा।
कुमार ने कहा कि राज्य में कौशल विकास के लिए अंतरदेशीय जहाज नौवहन प्रशिक्षण संस्थान (निनि) के मार्गदर्शन में बक्सर, भागलपुर और दरभंगा में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जलवाहक योजना में संशोधन आवश्यक है क्योंकि बक्सर, पटना, हाजीपुर, सोनपुर (कालुघाट), मोकामा, भागलपुर और साहेबगंज जैसे प्रमुख शहरों के बीच दूरी सामान्यतः 100 किलोमीटर है इसलिए जलवाहक योजना की दूरी को 300 किलोमीटर से घटाकर 100 किलोमीटर करने की मांग की गई।
वहीं मंत्री ने गंगा नदी के अलावा बिहार के अन्य छह राष्ट्रीय जलमार्गों पर सामुदायिक जेटी बनाने की भी मांग की ताकि अंतरदेशीय जहाजों और नावों से कार्गो आवाजाही बढ़ सके।
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र


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