पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला : पीड़ित परिवार से मिले प्रशांत किशोर

पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला : पीड़ित परिवार से मिले प्रशांत किशोर

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 03:04 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 03:04 PM IST

पटना, 16 जनवरी (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को बिहार के जहानाबाद जिले में नीट की उस छात्रा के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की, जिसकी पटना में कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में मौत हो गई।

किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है और बच्ची को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति बदल गई है और अब पुलिस को नए सिरे से निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यौन उत्पीड़न की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में मामले की गहन और स्वतंत्र जांच जरूरी है।’’

उल्लेखनीय है कि जहानाबाद की रहने वाली छात्रा पटना के एक छात्रावास में रहकर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही थी। उसकी हाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले इसे आत्महत्या का मामला बताया था लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई थी। वह कई दिनों तक कोमा में रही थी और 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।

किशोर ने कहा कि परिजन पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और उनका आरोप है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान जांच अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं और मामला वापस लेने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रा की आयु 17 वर्ष चार महीने होने की जानकारी देने के बावजूद पुलिस रिकॉर्ड में उसकी उम्र 18 वर्ष दर्ज की गई है।

परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने कहा, ‘‘यदि प्रारंभिक जांच में पुलिस प्रशासन से कोई चूक हुई है तो उसे सुधारा जाना चाहिए। हम शनिवार को मृतका के परिवार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करेंगे, ताकि हर हाल में बच्ची को न्याय मिल सके।’’

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि न्याय नहीं मिला तो जन सुराज संविधान के दायरे में रहकर सभी आवश्यक और लोकतांत्रिक कदम उठाएगी।

भाषा कैलाश

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