पटना, तीन मार्च (भाषा) बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को बिहार से राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार शामिल हैं।
नवीन फिलहाल पटना के बाकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, जबकि पूर्व विधायक शिवेश कुमार ने 2024 का लोकसभा चुनाव सासाराम सीट से लड़ा था, जिसमें उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार से पराजय का सामना करना पड़ा था।
वर्तमान बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राज्यसभा की चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। इनमें दो सीटें भाजपा और दो जनता दल (यूनाइटेड) जद-(यू) के खाते में मानी जा रही हैं। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि जद-(यू) ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
वहीं, पांचवीं सीट के लिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया है। राजग समर्थित रालोमो उम्मीदवार के रूप में कुशवाहा नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने एक बयान जारी कर बताया कि राजग के शीर्ष नेतृत्व के बीच विचार-विमर्श और आपसी संवाद के बाद यह निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार जद-(यू) की ओर से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के नाम को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। यदि ठाकुर तीसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते हैं, तो यह जद-(यू) के इतिहास में पहली बार होगा, क्योंकि पार्टी परंपरागत रूप से किसी नेता को दो से अधिक कार्यकाल नहीं देती रही है।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में है। उनकी औपचारिक राजनीतिक पारी को लेकर पार्टी के भीतर माहौल बनता दिख रहा है। जद-(यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि निशांत को पार्टी में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
वहीं, राज्य के मंत्री और जद-(यू) के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि निशांत का जद-(यू) में आना तय है, हालांकि उन्हें राज्यसभा भेजे जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि “कुछ भी हो सकता है।”
जद-(यू) के महासचिव भगवान सिंह कुशवाहा ने भी उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की खुलकर वकालत की है। इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेना है।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि पांच मार्च निर्धारित है, जबकि मतदान और मतगणना 16 मार्च, 2026 को एक ही दिन संपन्न होगी। तीन और चार मार्च को होली के अवकाश के कारण नामांकन के लिए अब केवल पांच मार्च का दिन ही शेष है।
बिहार से जिन पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह के साथ उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इनमें हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जद-(यू) के, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तथा उपेंद्र कुशवाहा रालोमो से हैं।
मुख्य विपक्षी दल राजद ने भी अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का नाम चर्चा में है। इसके अलावा मौजूदा सांसद प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह भी दावेदार माने जा रहे हैं। इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा लिया जाएगा।
हालांकि, महागठबंधन के पास वर्तमान में 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 मतों की आवश्यकता है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है।
भाषा
कैलाश रवि कांत