तेजस्वी को बिहार पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के लिए शर्म आनी चाहिए : चिराग पासवान

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तेजस्वी को बिहार पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के लिए शर्म आनी चाहिए : चिराग पासवान

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 09:11 PM IST

पटना, दो अप्रैल (भाषा) लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिहार को गरीब बताने से पहले शर्म आनी चाहिए।

तेजस्वी ने केरल में एक कार्यक्रम के दौरान बिहार को गरीब राज्य बताते हुए विकास की चुनौतियों का जिक्र किया था।

चिराग ने बृहस्पतिवार को पटना में पत्रकारों से कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में बिहार की स्थिति बदहाल हुई, वहीं आज राज्य की गरीबी पर बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार को जिस दौर में सबसे अधिक नुकसान हुआ, उस समय की राजनीति और नीतियों को लोग अभी भी याद रखते हैं।

पासवान ने कहा कि उस समय हालात ऐसे बन गए थे कि उद्योगपति से लेकर चिकित्सक और अन्य पेशेवर लोग तक राज्य छोड़कर बाहर चले गए थे।

उन्होंने कहा कि बिहार को उस स्थिति से बाहर निकालने का काम बाद में हुआ और राज्य ने धीरे-धीरे विकास की दिशा में कदम बढ़ाया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो नेता आज बिहार की गरीबी का मुद्दा उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि राज्य की हालत इतनी खराब क्यों हुई थी।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने के लिए केवल बयान देना आसान है लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार की छवि को नुकसान पहुंचाने में कुछ राजनीतिक दलों की नीतियों का बड़ा योगदान रहा है।

चिराग ने इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभव और राजनीतिक योगदान की भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद भी नीतीश कुमार के अनुभव और सम्मान को कम करके नहीं आंका जा सकता।

लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार का राजनीतिक कद और प्रशासनिक अनुभव बिहार की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा।

चिराग ने नीतीश कुमार को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा दिए जाने के सवाल पर कहा कि यह सुरक्षा व्यवस्था उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और अनुभव का सम्मान है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जब भी नई सरकार का गठन होगा, तब राज्य और केंद्र—दोनों स्तरों पर नीतीश कुमार के सम्मान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र