बिहार में अब चार लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को भी मुफ्त इलाज

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बिहार में अब चार लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को भी मुफ्त इलाज

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 07:10 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 07:10 PM IST

पटना, तीन जून (भाषा) बिहार में अब चार लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोग भी मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना के तहत मुफ्त इलाज हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें स्वास्थ्य, कौशल विकास, उद्योग, मत्स्य, डेयरी और प्रशासनिक सुधार से संबंधित कई अहम फैसले लिए गए।

मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए अनुदान प्राप्त करने की न्यूनतम आय सीमा ढाई लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर चार लाख रुपये सालाना करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि इसमें दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए चयनित भूखंड के समतलीकरण और मिट्टी भराई का काम जल संसाधन विभाग को सौंपने का फैसला किया गया।

चौधरी ने बताया कि बैठक में बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा और अन्य विशिष्ट प्रायोजनों के लिए निर्धारित शर्तों के अधीन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बैठक में उद्योग विभाग के दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बक्सर जिले के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स वरुण बेवरेजेस लिमिटेड को वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति शामिल है।

चौधरी के अनुसार, बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत औरंगाबाद जिले के नवीनगर में नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को भी मंजूरी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि नवीनगर आईटीआई में वित्तीय वर्ष 2026-27 में पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा और संस्थान के संचालन के लिए 38 नये पदों का सृजन किया जाएगा।

चौधरी के मुताबिक, बैठक में बिहार कौशल विकास मिशन के प्रभावी संचालन के लिए 19 नये पदों के सृजन और प्रतिवर्ष 2.24 करोड़ रुपये व्यय की स्वीकृति दे दी गई।

उन्होंने बताया कि प्रशासनिक सुधार के तहत ‘बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026’ और ‘बिहार बाल विकास सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली, 2026’ के गठन को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई।

चौधरी ने बताया कि बैठक में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में 31.20 करोड़ रुपये की लागत से ‘इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क’ स्थापित करने का फैसला लिया गया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होगी।

उन्होंने बताया कि बैठक में कैमूर जिले के मोहनियां अंचल स्थित मौजा-दादर में सात एकड़ अधिशेष भूमि को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिए निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने के कारण चालू वित्तीय वर्ष में 164.51 करोड़ रुपये के व्यय को भी स्वीकृति प्रदान कर दी।

भाषा

कैलाश पारुल

पारुल