बिहार में उफनाई गंडक का जलस्तर घटने लगा: अधिकारी

बिहार में उफनाई गंडक का जलस्तर घटने लगा: अधिकारी

बिहार में उफनाई गंडक का जलस्तर घटने लगा: अधिकारी
Modified Date: August 27, 2026 / 01:41 pm IST
Published Date: August 27, 2026 1:41 pm IST

पटना, 27 अगस्त (भाषा) नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ घट गयी है। पश्चिम चंपारण बिहार का सबसे उत्तरी जिला है, जिसकी सीमा नेपाल से लगती है।

नेपाल से आए बाढ़ के पानी के गंडक नदी में पहुंचने के बाद बुधवार को बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे।

वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी रात 11 बजे के 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर बृहस्पतिवार 12 बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक रह गया।

जल संसाधन विभाग ने एक बयान में कहा, ‘वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर बुधवार रात 11 बजे जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद नदी का जलस्तर घटने लगा।’

विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति देखी गई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण जलस्तर में फिर हल्की बढ़ोतरी शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि अब तक तटबंधों पर किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा पूरी तरह सतर्क है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर एक-दो सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बाढ़ से सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।’

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी और आज हवाई सर्वे कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया है।

अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, आवश्यक कदम तत्काल उठाने और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘इस वर्ष बैराज से सर्वाधिक 2.24 लाख क्यूसेक जल प्रवाह 14 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसलिए फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है।’

उन्होंने बताया कि बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें अलर्ट पर हैं। विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है।

इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई बाढ़ से तीन जिलों में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।

भाषा कैलाश मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में