बिहार को ‘पुलिस स्टेट’ नहीं बनने देंगे : कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी का सरकार पर हमला
बिहार को ‘पुलिस स्टेट’ नहीं बनने देंगे : कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी का सरकार पर हमला
मधुबनी, 20 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वह बिहार को ‘पुलिस स्टेट’ नहीं बनने देंगे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार पुलिस की बढ़ती बर्बरता पर अंकुश लगाने में विफल रही है।
तेजस्वी ने मधुबनी जेल में 10 अगस्त को कथित तौर पर फंदे से लटके मिले 19 वर्षीय रोशन यादव के परिजनों से मुलाकात की।
जेल प्रशासन के अनुसार, रोशन यादव ने 10 अगस्त को जेल के भीतर कथित तौर पर आत्महत्या की थी। हालांकि, तेजस्वी ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि रोशन की हत्या की गई हो सकती है। उन्होंने कहा कि रोशन के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं।
तेजस्वी ने कहा, ‘‘19 वर्षीय युवक को 27 मई को शस्त्र अधिनियम के एक मामले में जेल भेजा गया था। बाद में उसकी रिहाई हुई, लेकिन जल्द ही उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बेरहमी से पीटा गया और बिजली के झटके दिए गए। यह पुलिस की अमानवीय हरकत है। हम बिहार को ‘पुलिस स्टेट’ नहीं बनने देंगे।’’
राजद नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह वैशाली में हाल में मारे गए एक अन्य व्यक्ति के परिजनों से भी मिलेंगे, क्योंकि उस मामले में भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया, ‘‘बिहार सरकार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है। सत्ता में बैठे लोग बढ़ते अपराधों पर मौन साधे हुए हैं।”
बुधवार को पटना में निकाले गए राजद के ‘लोक भवन मार्च’ के बारे में पूछे जाने पर तेजस्वी ने कहा कि वह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं अक्षम सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखूंगा।”
उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव ने बुधवार को 25 जुलाई को सीवान में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ पटना में लोक भवन मार्च का नेतृत्व किया था।
भाषा कैलाश शफीक
शफीक

Facebook


