बिहार: नीट प्रदर्शन को लेकर लोक भवन मार्च के दौरान तेजस्वी हिरासत में

बिहार: नीट प्रदर्शन को लेकर लोक भवन मार्च के दौरान तेजस्वी हिरासत में

बिहार: नीट प्रदर्शन को लेकर लोक भवन मार्च के दौरान तेजस्वी हिरासत में
Modified Date: August 19, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: August 19, 2026 8:30 pm IST

पटना, 19 अगस्त (भाषा) बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हाल में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को यहां लोक भवन की ओर मार्च का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा के अनुसार यादव को आयकर चौराहे के पास से पुलिस वाहन में ले जाया गया।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव अपने हजारों समर्थकों के साथ मार्च निकाल रहे थे। पुलिस ने उन्हें उनके प्रमुख सहयोगियों– राज्यसभा सदस्य संजय यादव और मनोज झा तथा बड़ी बहन मीसा भारती के साथ पुलिस वाहन में बैठाया तथा सचिवालय थाने ले गई।

थाने से बाहर निकलने के बाद भारती ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें छोड़ दिया गया है और पुलिस ने उनसे नाम तथा पता पूछा था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपना पूरा बायोडाटा दे दिया।’’

भारती को रास्ते में वाहन से उतरकर ई-रिक्शा से जाना पड़ा क्योंकि ‘‘क्षमता से अधिक सवारियों वाली बस’’ का एक टायर पंक्चर हो गया था।

तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका मार्च बाधित किया गया है, लेकिन उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक पिछले महीने हुई घटना के लिए जवाबदेही तय नहीं हो जाती। उस घटना में एक पुलिसकर्मी ने छात्रों पर एके-47 राइफल से गोली चलाई थी।

यह घटना 25 जुलाई की है, जब वामपंथी छात्र संगठनों ने प्रश्नपत्र लीक के विरोध में ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया था। बाद में संबंधित आरक्षी को निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा का भी तबादला कर दिया गया।

हालांकि, आज यहां लोक भवन मार्च में शामिल कई प्रदर्शनकारी पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के निलंबन की मांग कर रहे थे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि राज्यपाल शहर से बाहर हैं। इसलिए हमारी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित अपर मुख्य सचिव से मुलाकात करेगा और उन्हें ज्ञापन सौंपेगा।’’

विपक्षी दल के मार्च की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने तीखी आलोचना की और आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ी तथा ‘‘राष्ट्र ध्वज का अपमान’’ किया गया।

सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘‘तेजस्वी यादव और उनके लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने एक वीडियो साझा किया जिसमें कुछ तिरंगे सड़क किनारे मुड़े हुए पड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया कि कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में एके-47 राइफल की प्रतिकृतियां थीं और यह ‘‘राजद के डीएनए में अराजकता और बाहुबल’’ का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि लोक भवन मार्च ‘‘पूरी तरह विफल प्रदर्शन’’ रहा, जिसका एकमात्र उद्देश्य राजद की गिरती राजनीतिक स्थिति को सुधारना और तेजस्वी यादव के राजनीतिक करियर को बचाना था। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के बहुत कम विधायक मार्च में पहुंचे।

सरावगी ने हाल के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का भी जिक्र किया, जहां भाजपा के गढ़ वाली सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की थी।

उन्होंने कहा कि ‘‘इस नतीजे को लेकर सबसे ज्यादा चिंता राजद को होनी चाहिए’’, क्योंकि उसकी उम्मीदवार रेखा गुप्ता अपनी जमानत भी नहीं बचा सकीं।

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में