108 Ambulance Delivery Balrampur : रील नहीं, रियल लाइफ का ‘3 Idiots’ मोमेंट! बीच हाईवे ही एम्बुलेंस बन गई ‘डिलीवरी रूम’, EMT ने बचाई दो-दो जान

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बलरामपुर जिले में अस्पताल पहुंचने से पहले ही 108 एम्बुलेंस एक सुरक्षित प्रसव कक्ष में बदल गई। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर EMT संतोष यादव ने एम्बुलेंस के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। शिशु पुत्र के जन्म के बाद मां और बच्चे दोनों स्वस्थ हैं।

  • Reported By: Arun Soni

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  • Publish Date - June 7, 2026 / 01:21 PM IST,
    Updated On - June 7, 2026 / 01:25 PM IST

108 Ambulance Delivery Balrampur / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • बलरामपुर जिले की गर्भवती महिला को अंबिकापुर रेफर किया गया था
  • रास्ते में अचानक तेज हुई प्रसव पीड़ा
  • EMT संतोष यादव ने एम्बुलेंस में कराया सुरक्षित प्रसव

बलरामपुर: 108 Ambulance Delivery Balrampur :  कहते हैं कि जिंदगी और मौत के बीच कभी-कभी सिर्फ कुछ पल और सही समय पर मिला साथ ही सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। बलरामपुर जिले से एक ऐसी ही प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां अस्पताल पहुंचने से पहले ही चलती 108 एम्बुलेंस एक सुरक्षित प्रसव कक्ष में बदल गई। एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ ने न सिर्फ एक मां की जान बचाई, बल्कि एक नवजात को भी सुरक्षित दुनिया में आने का अवसर दिया।

क्या है पूरा मामला?

बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम सेवारी निवासी 26 वर्षीय ननकी को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर लाया गया। Ambikapur Medical College Refer Case  डॉक्टरों ने जांच के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया। दोपहर 2 बजकर 39 मिनट पर 108 एम्बुलेंस अंबिकापुर के लिए रवाना हुई, लेकिन राजपुर से आगे हरीतिमा के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई।

इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन संतोष यादव ने कराया प्रसव

स्थिति गंभीर थी और अस्पताल अभी दूर था। ऐसे में 108 एम्बुलेंस में तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) संतोष यादव ने धैर्य और अनुभव का परिचय देते हुए एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही पलों में एक स्वस्थ शिशु पुत्र का जन्म हुआ और एम्बुलेंस नवजीवन की खुशियों से गूंज उठी।

मां और नवजात दोनों स्वस्थ

प्रसव के बाद मां और नवजात की प्राथमिक देखभाल करते हुए दोनों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है।