IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: ‘अब रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा छत्तीसगढ़ का युवा’.. सीएम साय ने बताया युवाओं का पलायन रोकने के लिए क्या है सरकार की प्लानिंग
अब रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा छत्तीसगढ़ का युवा... CM Sai At IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026
रायपुरः मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर न्यूज चैनल IBC24 की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में पहुंचने पर गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन सुरेश गोयल ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद एक संवाद सेशन भी हुआ। चैनल के एडिटर इन चीफ रवि कांत मित्तल ने सीएम साय से कई मुद्दों को लेकर प्रश्न पूछे। सीएम साय ने सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।
छत्तीसगढ़ में एआई मिशन को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम साय ने कहा कि इस साल के बजट में हमारी सरकार 5 मिशन पर काम कर रही है, जिसमें एक एक एआई मिशन भी है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में है। इसके तहत 5 लाख विद्यार्थियों को एआई की शिक्षा और डेढ़ लाख कर्मचारियों को एआई से प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं स्किल डेवलपमेंट को लेकर सरकार के प्रयासों का सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि ढ़ाई सालों में हमारी सरकार ने 15 हजार बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी दी है। लगातार वैकेंसी निकाली जा रही है। पुलिस भर्ती हम लोग करने जा रहे है। सभी को नौकरी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इसलिए हमने स्किल सेंटर भी शुरू किए है। प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया जा रहा है। बस्तर में 32 अलग से स्किल सेंटर चलाकर वहां के लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सीएम साय ने कहा कि हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति लेकर आई है। इसमें रोजगार पर फोकस किया गया है। देश और विदेश में इसकी सराहना हो रही है। इसके लिए 8 हजार करोड़ से ज्यादा प्रस्ताव मिला है। इसे धरातल पर लाने के लिए भी काम शुरू हो गया है। अगर कोई उद्योगपति एक हजार करोड़ का निवेश करता है तो उन्हें स्पेशल इनसेंटिव देने का प्रावधान किया गया है। बरसात का मौसम खत्म होने के बाद रोजगार मेला लगाया जाएगा। युवाओं के पलायन रोकने सरकार के प्रयासों पर सीएम साय ने कहा कि हमारे राज्य के बच्चों के प्रदेश में ही नौकरी उपलब्ध कराने के लिए सरकार काम कर रही है। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति, स्टार्टअप नीति लेकर आई है।
Gen Alpha जनरेशन के लिए सरकार के कामों के सवाल पर सीएम साय ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम काम हुए हैं। अपने प्राथमिक शिक्षा के उल्लेख करते हुए सीएम साय ने कहा कि पहले सुविधाओं का अभाव था। मैंने अपने गृहग्राम बगिया में पढ़ाई की। वहां 5वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर नहीं थी। हमें 7 किमीं दूसरे स्कूल में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ा था। खपरैल की छत थी, जमीन को गोबर ले लिपाई कर बैठना पड़ता था। इस तरह की स्थिति पहले थी, लेकिन अब सरकार की ओर से इस तरह की व्यवस्था को दुरुस्थ किया गया है। राज्य में अब हर गांव में प्राथमिक स्कूल, दो-तीन किमी में मीडिल, चार-पांच किमी में हाईस्कूल, छह-सात किमीं में हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना की गई है। हर विकासखंड में कॉलेज की स्थापना हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थान छत्तीसगढ़ में है, जिसका उपयोग Gen Alpha कर सकते हैं। इसके अलावा 34 जगहों पर नालंदा परिसर बनाकर पढ़ाई के लिए कंटेट उपलब्ध करा रहे हैं। दिल्ली के ट्राइबल यूथ हास्टल की स्थापना की गई, जहां से 13 बच्चे यूपीएससी की प्राथमिक परीक्षा पास किए हैं।
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