केरल में लैटिन कैथोलिक समुदाय की नाराजगी के बीच मत्स्य मंत्री ने आर्चबिशप से मुलाकात की
केरल में लैटिन कैथोलिक समुदाय की नाराजगी के बीच मत्स्य मंत्री ने आर्चबिशप से मुलाकात की
तिरुवनंतपुरम, 22 मई (भाषा) केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के गठन के बाद लैटिन कैथोलिक समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से उपजी नाराजगी के बीच राज्य के मत्स्यपालन मंत्री वी ई अब्दुल गफूर ने शुक्रवार को चर्च मुख्यालय में आर्चबिशप थॉमस नेट्टो से मुलाकात की।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब लैटिन कैथोलिक समुदाय के कुछ वर्गों में इस बात को लेकर असंतोष बढ़ रहा है कि नयी सरकार में समुदाय से जुड़े किसी कांग्रेस विधायक को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
लैटिन कैथोलिक समुदाय को यह भी उम्मीद थी कि तटीय ईसाई मछुआरा परिवारों के जीवन से सीधे तौर पर जुड़े मत्स्यपालन विभाग की जिम्मेदारी किसी ईसाई प्रतिनिधि को सौंपी जाएगी।
हालांकि, यह विभाग इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को दिए जाने से चर्च नेतृत्व और समुदाय के सदस्यों में निराशा देखी गई।
चर्च ने मांग की थी कि मत्स्यपालन विभाग सरकार में आरएसपी के प्रतिनिधि शिबू बेबी जॉन या कांग्रेस नीत यूडीएफ के एक अन्य घटक दल सीएमपी के सी पी जॉन को दिया जाए।
मंत्री के चर्च मुख्यालय में जाने के तुरंत बाद चर्च प्रतिनिधियों ने समुदाय के भीतर मौजूद असंतोष पर खुलकर बात की।
चर्च के एक प्रतिनिधि ने संवाददाताओं से कहा, “हमें मंत्रिमंडल में वह प्रतिनिधित्व नहीं मिला जिसके हम हकदार थे। जिस विभाग की हमें उम्मीद थी, वह भी हमें नहीं मिला। इसे लेकर चिंता है और हमें उम्मीद है कि सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए इसका समाधान निकलेगा।”
चर्च ने यह संकेत भी दिया कि गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों के कारण समुदाय को मंत्रिमंडल में उसका उचित स्थान नहीं मिल सका।
केरल के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मत्स्यपालन विभाग को केवल एक सामान्य विभाग के रूप में नहीं देखा जाता। यह विभाग उन मछुआरों के दैनिक संघर्षों से जुड़ा है, जो उफनते समुद्र, बढ़ती ईंधन लागत, तटीय कटाव और समुद्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करते हैं।
चर्च के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि इस विभाग की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को मिलनी चाहिए, जो मछुआरा समुदाय के जीवन और उनकी कठिनाइयों को समझता हो।
हालांकि, चर्च ने नए मंत्री के साथ किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का संकेत दिया और मछुआरों से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
मत्स्यपालन मंत्री गफूर ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हम सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि चर्च नेतृत्व ने सहयोग का आश्वासन दिया और बातचीत के दौरान किसी प्रकार की व्यक्तिगत शिकायत नहीं उठाई।
भाषा रवि कांत रवि कांत वैभव
वैभव

Facebook


