IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर कुंति साव बोलीं- हौसला है तो गांव, शहर, संसाधन कभी बाधा नहीं बन सकते

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर कुंति साव बोलीं- हौसला है तो गांव, शहर, संसाधन कभी बाधा नहीं बन सकते

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर कुंति साव बोलीं- हौसला है तो गांव, शहर, संसाधन कभी बाधा नहीं बन सकते

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022: Success Story of 12th Topper kunti saw

Modified Date: November 29, 2022 / 04:06 am IST
Published Date: July 7, 2022 4:08 am IST

रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। रायगढ़ जिले की कुंति साव ने जिले का मान बढ़ाया है। 12वीं परीक्षा में 491 अंक हासिल किया। कुंति साव ने आदर्श ग्राम्य भारती हा. से. स्कूल, पुसौर, रायगढ़ में अपना पढ़ाई पूरी की है।

कुंति साव ने कहा कि “पापा मजदूरी करते हैं। दिनभर की हाड़तोड़ मेहनत के बाद हमारा घर चलता है। इस आर्थिक संघर्ष से उबरने के लिए मेरे पास पढ़ाई का ही हथियार है।“

कुंति कहती हैं, आपमें हौसला है तो गांव, शहर, संसाधन कभी बाधा नहीं बन सकते

कुंति की जुबानी.. मेरे पापा मजदूर हैं। दिनभर काम करते हैं तब हम लोगों का घर चल पाता है। मां घरेलू महिला हैं। मैंने पढ़ाई में अच्छे से अच्छा करने का संकल्प इसलिए लिया, ताकि हमारा परिवार आर्थिक तंगी से उबर सके। पुसौर ब्लॉक में छोटा सा गांव हरदी है, जहां से मैं ताल्लुक रखती हूं। सायकल से ही स्कूल आना होता था। यह अच्छी बात है कि जब आपका हौसला बुलंद हो तो लोग भी सहयोग करते हैं। मेरी पढ़ाई की लगन और मेहनत को देखते हुए मेरे विद्यालय आदर्श ग्राम्य भारती के प्रबंधन ने मेरी 11वीं व 12वीं की फीस माफ कर दी है। यह मेरे जीवन में आगे बढ़ने में बड़ी सहायक सिद्ध हुई। जिस तरह से आईबीसी-24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप संचालित की जाती है, उस हिसाब से हम बेटियों खासकर मेरे जैसे आर्थिक रूप से तंग परिवारों की बेटियों के लिए बड़ी मदद है। मुझे संतोष है कि मैंने जैसे पढ़ा वैसा ही लिखा और नंबर भी वैसे ही आए। जैसे कि केमिस्ट्री, फिजिक्स, हिंदी और मैथ्स में 100 में से पूरे 100 नंबर मिले। यह मेरी रोज 6 से 7 घंटों की पढ़ाई का नतीजा है। मैंने इसके लिए एक्स्ट्रा क्लास भी अटैंड की। मुझे लगता है अगर आपमें कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो गांव,शहर कभी बंधन नहीं बनते। आप अपने लक्ष्य पर फोकस रखो तो रास्ते खुद ही खुलते जाते हैं। हम भटकाव से बचें तो कभी विफल नहीं हो सकते। पापा चाहते हैं कि मैं अच्छी सी नौकरी में आ जाऊं। मेरा भी सपना है कि मैं यूपीएससी की तैयारी करूं और जिला कलेक्टर बनूं।


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