मजबूत इरादे ऊंचा लक्ष्य, हर्षिता ओझा, शिवपुरी
मजबूत इरादे ऊंचा लक्ष्य, हर्षिता ओझा, शिवपुरी
वकील पिता ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों से लड़ते हुए कभी भी अपनी बेटी को पैसों की कमी का एहसास नहीं होने दिया। बेटी हर्षिता को न केवल पढ़ने के लिए प्रेरित किया, बल्कि रात-रात भर जाग कर उसकी पढ़ाई में भी मदद की।
शिवपुरी जिले विजयपुरम कॉलोनी में रहने वाली हर्षिता ओझा एक सामान्य परिवार की बेटी हैं। हर्षिता ने आर्थिक कठिनाइयों से जूझते हुए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल 12वीं की परीक्षा में पूरे जिले में टॉप कर यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हो तो सफलता मिलना तय है। शिवपुरी के उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 में पढ़ने वाली हर्षिता ओझा ने जिले में टॉप कर ना केवल माता-पिता का नाम रोशन किया है बल्कि जिले को भी प्रदेश में ख्याति दिलाई है। हर्षिता अपना आइडियल पर्सन अपने पिता मंगल सिंह को मानती हैं, जिन्होंने कठिन आर्थिक परिस्थितियों से लड़ते हुए कभी भी अपनी बेटी को पैसों की कमी का एहसास नहीं होने दिया। हर्षिता के पिता मंगल सिंह पेशे से वकील हैं और जिला न्यायालय में वकालत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अपनी बेटी हर्षिता को उन्होंने न केवल पढ़ने के लिए प्रेरित किया, बल्कि रात-रात भर जाग कर उसके अध्ययन में भी मदद की। हर्षिता के तीन भाई हैं। हर्षिता ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें भी घर पर पढ़ाया। पढ़ाई के साथ-साथ हर्षिता हमेशा घर के कामकाज में भी अव्वल रहती हैं। वह खाली समय में अपनी मां का हाथ बंटाती है। हर्षिता का सपना मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बनना है। वह अपने माता पिता भाई बहनों के साथ जिले का भी नाम रौशन करना चाहती है। हर्षिता बैडमिंटन में भी रुचि रखती हैं। पढ़ते-पढ़ते बोर होने पर वह बैडमिंटन खेल कर मन बहला लेती थी। मेहनत और दिल लगाकर पढ़ाई करने वाली हर्षिता अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल के प्रिंसिपल विवेक श्रीवास्तव को देती हैं।

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