Sports and Tourism Budget 2026: देश के इन राज्यों में बनेंगे माउंटेन ट्रेल्स, सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित होंगे 15 पुरातात्विक स्थल, खेल के क्षेत्र में हुए ये बड़े ऐलान

देश के इन राज्यों में बनेंगे माउंटेन ट्रेल्स, सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित होंगे 15 पुरातात्विक स्थल, Indian Government Sports and Tourism Budget

Sports and Tourism Budget 2026: देश के इन राज्यों में बनेंगे माउंटेन ट्रेल्स, सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित होंगे 15 पुरातात्विक स्थल, खेल के क्षेत्र में हुए ये बड़े ऐलान
Modified Date: February 1, 2026 / 02:10 pm IST
Published Date: February 1, 2026 2:08 pm IST

नई दिल्लीः Sports and Tourism Budget: वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए मोदी सरकार ने देश का आम बजट पेश कर दिया है। रविवार को देश की संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट पेश किया है। इस बजट में किसानों और पशुपालकों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि बजट में पर्यटन, वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग और खेल के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं?

वित्त मंत्री ने पर्यटन को लेकर कहा कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे। धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं खेल को लेकर खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र में हुए ये बड़े ऐलान

  • छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।
  • मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
  • स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
  • पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
  • पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
  • भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।
  • भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।
  • अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
  • एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।

छत्तीसगढ़ में कहां बनेगा माइनिंग कॉरिडोर

Sports and Tourism Budget: इस दौरान वित्तमंत्री ने देश में माइनिंग कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनों ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट और चूना पत्थर खनन के लिए कई जगहों पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। बॉक्साइट और चूना पत्थर के लिए कोरबा, जशपुर, बलरामपुर, बस्तर का चयन किया गया है। वहीं रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग में भी  माइनिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा। ये कॉरिडोर खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देंगे, जिससे चीन पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी उत्पादन मजबूत होगा। माइनिंग कॉरिडोर बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।