(Union Budget 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Union Budget 2026 इस बार बजट 2026 को लेकर देश की मिडिल क्लास और आम लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लोग चाहते हैं कि इस बार बजट में ऐसे फैसले लिए जाएं, जो सीधे उनकी जेब पर बोझ कम करें। आम आदमी की नजर टैक्स, स्वास्थ्य, बीमा और घर से जुड़े खर्चों पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट सिर्फ आर्थिक विकास पर नहीं, बल्कि आम परिवारों की जरूरतों पर भी ध्यान देगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को प्राथमिकता दी जा सकती है। रेलवे, सड़क, एयरपोर्ट और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निजी निवेश बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को और मजबूत किया जा सकता है, जिसका फायदा मिडिल क्लास को बेहतर सुविधाओं के रूप में मिलेगा।
बजट 2026 में टैक्स और जीएसटी से जुड़े नियमों को आसान करने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव या छूट बढ़ाई जा सकती है, जिससे मिडिल क्लास को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा, कस्टम ड्यूटी और टैरिफ रेशनलाइजेशन जैसे कदम महंगाई को काबू में रखने में मदद कर सकते हैं। इससे रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें सस्ती हो सकती हैं।
इस बजट में स्वास्थ्य और बीमा सेक्टर को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लाइफ और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स छूट बढ़ाई जा सकती है, जिससे बीमा पॉलिसी लेना आम लोगों के लिए आसान होगा। जीएसटी में छूट मिलने से इलाज और दवाओं का खर्च भी कम हो सकता है। इसका सबसे अधिक फायदा मिडिल क्लास और छोटे परिवारों को मिलेगा, जो बढ़ते मेडिकल खर्च से परेशान हैं।
इस बजट 2026 में MSME और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने पर खास ध्यान दिया जा सकता है। टैक्स छूट और सरकारी सहायता से छोटे कारोबारों की उत्पादकता बढ़ेगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी। आम आदमी को इसका फायदा बेहतर नौकरी के मौके और आय में बढ़ोतरी के रूप में मिल सकता है। कुल मिलाकर, अगर बजट 2026 इन क्षेत्रों पर ध्यान देता है, तो यह मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत देने वाला साबित हो सकता है।