राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच ओडिशा कांग्रेस ने आठ विधायकों को कर्नाटक भेजा

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राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच ओडिशा कांग्रेस ने आठ विधायकों को कर्नाटक भेजा

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 12:18 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 12:18 PM IST

भुवनेश्वर, 13 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल कांग्रेस ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के मद्देनजर अपने आठ विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दूसरी ओर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने एक बयान में कहा है कि पार्टी ने अपने सभी विधायकों से शुक्रवार से रविवार तक हर शाम पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आवास पर होने वाली आवश्यक बैठकों में भाग लेने को कहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी ने बृहस्पतिवार रात को अपने सभी 14 विधायकों को राज्य की राजधानी भुवनेश्वर बुलाया था और फिर मुख्य सचेतक सीएस राजेन एक्का समेत आठ को बेंगलुरु भेज दिया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कदम ने कहा, ‘‘जी हां, हमारे आठ विधायक बेंगलुरु गए हैं ताकि भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों से उन्हें बचाया जा सके। हमारे विधायक एकजुट रहेंगे।’’

पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि विधायक बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे सोमवार को भुवनेश्वर लौटेंगे और सीधे विधानसभा जाकर दत्तेश्वर होता के पक्ष में अपना वोट डालेंगे।’’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में भेजे गए विधायकों में प्रफुल्ल प्रधान, मंगू खिला, अशोक दास, पवित्रा सौंता, राजन एक्का और कद्रका अप्पाला स्वामी शामिल हैं।

पार्टी के छह विधायक विधानसभा में जारी बजट सत्र में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर में हैं।

कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा, ‘‘मुझे पार्टी के विधायकों के बेंगलुरु जाने के बारे में जानकारी नहीं है। मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं है।’’

राज्य से राज्यसभा की कुल चार सीट पर चुनाव हो रहे हैं और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।

राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के अनुसार, बीजद की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को दो सीट पर जीतने की उम्मीद है। चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी को आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं मिले हैं।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ उन्हें कुल 82 विधायकों का समर्थन मिल रहा है जो तीन सांसदों के चुनाव के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम है।

पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद विपक्षी पार्टी बीजद के खेमे में 48 विधायक हैं। एक सांसद के चुनाव के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट होंगे लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोट की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास एक विधायक है।

बीजद ने संतृप्त मिश्रा और होता को उम्मीदवार बनाया है। होता को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।

भाजपा ने अपनी ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और निवर्तमान सांसद सुजीत कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है तथा उसने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का समर्थन किया है।

इस चुनाव में मुकाबला राय और होता के बीच है।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव