IPS Central Deputation Order: इस युवा और तेजतर्रार IPS को अमित शाह का बुलावा.. बनाये गये CBI के SP, इस मामले के बाद आये थे चर्चा में

IPS Ashok Mishra Central Deputation Order: बिहार कैडर के IPS अशोक मिश्रा को पांच वर्षों के लिए CBI में एसपी नियुक्त किया गया।

IPS Central Deputation Order: इस युवा और तेजतर्रार IPS को अमित शाह का बुलावा.. बनाये गये CBI के SP, इस मामले के बाद आये थे चर्चा में

IPS Ashok Mishra Central Deputation Order || Image- Bureaucrats Media

Modified Date: February 26, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • IPS अशोक मिश्रा CBI में नियुक्त
  • पांच साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति
  • समस्तीपुर SP से दिल्ली पोस्टिंग

नई दिल्ली: राज्यों में तैनात अखिल भारतीय स्तर के अफसरों का केंद्र में प्रतिनियुक्ति का दौर जारी है। ताजा आदेश बिहार कॉडर के IPS अशोक मिश्रा से संबंधित है। अशोक मिश्रा को गृह मंत्रालय के तहत जांच एजेंसी सीबीआई का एसपी नियुक्त किया गया है। (IPS Ashok Mishra Central Deputation Order) वे अपना कार्यभार संभालने से पांच वर्षों तक इस पद पर तैनात रहेंगे। इस संबंध में केंद्र के कार्मिक विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है।

कौन है IPS अशोक मिश्रा?

युवा और तेजतर्रार भापुसे अशोक मिश्रा फिलहाल समस्‍तीपुर जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वे 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। सरकारी वेबसाइट ips.gov.in के मुताबिक 6 जुलाई 1985 को जन्‍में अशोक मिश्रा मूल रूप से दिल्‍ली के रहने वाले हैं। अशोक ने बीए तक की पढाई की और उसके बाद यूपीएससी सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए। इस परीक्षा में पास होने के बाद वह आईपीएस बन गए। उन्‍हें 29 अगस्‍त 2016 को बिहार कैडर का आईपीएस नियुक्‍त किया गया तब से वह बिहार पुलिस में अलग अलग जगहों पर कार्यरत हैं। 30 दिसंबर 2021 को उन्‍हें नालंदा का एसपी बनाया गया था, जिसके बाद 12 स‍ितंबर 2024 को उनका ट्रांसफर समस्‍तीपर कर दिया गया। तब से वह यहां के एसपी के पद पर कार्यरत हैं।

इस वजह से आये थे चर्चा में

दरअसल अशोक मिश्रा ने बतौर समस्‍तीपुर पुलिस अधीक्षक (SP)सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर एक मुखिया की हत्या के दोषी आठ में से पांच आरोपियों को पटना हाई कोर्ट की ओर से दी गई जमानत के आदेश का समर्थन किया था। (IPS Ashok Mishra Central Deputation Order) इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताई है। पीडित पक्ष के वकील की ओर से एसपी के हलफनामे पर सवाल उठाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अहसनुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत के मिश्रा की बेंच ने कहा कि हमें भी जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से दायर हलफनामे में आरोपियों के समर्थन पर आश्चर्य हो रहा है।

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