घरेलू विनिर्माण बढ़ाने के लिए 100 उत्पादों की पहचान की जा रही: डीपीआईआईटी सचिव
घरेलू विनिर्माण बढ़ाने के लिए 100 उत्पादों की पहचान की जा रही: डीपीआईआईटी सचिव
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर ऐसे लगभग 100 उत्पादों की पहचान कर रही है, जो या तो भारत में नहीं बनते या जिनका विनिर्माण पर्याप्त नहीं है। एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार इन उत्पादों में वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पाद भी शामिल हैं।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा, ‘‘अद्वितीय और दिलचस्प उत्पादों की पहचान पहले ही की जा चुकी है। इसमें वाहन क्षेत्र के उत्पाद मसलन एक्सल और मोटरसाइकिल के कलपुर्जे भी शामिल हैं।’’
भारत में विनिर्माण को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार के कदमों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘एक अन्य क्षेत्र जिस पर हम काम कर रहे हैं, वह 100 अन्य उत्पादों को लाना है, जो फिलहाल भारत में नहीं बन रहे हैं या जिनका अभी पर्याप्त मात्रा में निर्माण नहीं हो रहा है।’’ इसका मकसद घरेलू और वैश्विक, दोनों बाजारों के लिए विनिर्माण का विस्तार करना है।
उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक सम्मेलन में कहा, ‘‘हम इस पर उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो भारत में नहीं बन रही हैं जबकि हमारे पास क्षमता है… तकनीक में कुछ कमियां हो सकती हैं, जिन्हें दूर किया जा सकता है।’’
भाटिया ने यह भी कहा कि विभाग जल्द ही ‘मेड इन इंडिया ब्रांड योजना’ शुरू करेगा। उन्होंने बताया, ”हमने इस्पात क्षेत्र के साथ एक प्रायोगिक परियोजना की है, जिसके नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं।” इस योजना के तहत उत्पादों को एक लोगो के साथ ब्रांड नाम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी घरेलू कंपनी इस ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड का उपयोग न केवल मूल्यवर्धन दिखाने के लिए, बल्कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी कर सकेगी।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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