इस्पात पर 12 प्रतिशत रक्षोपाय शुल्क से आयात रुकेगा, घरेलू कीमतें बढ़ेंगी : जीटीआरआई

इस्पात पर 12 प्रतिशत रक्षोपाय शुल्क से आयात रुकेगा, घरेलू कीमतें बढ़ेंगी : जीटीआरआई

  •  
  • Publish Date - April 22, 2025 / 04:53 PM IST,
    Updated On - April 22, 2025 / 04:53 PM IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) पांच इस्पात उत्पाद श्रेणियों पर 12 प्रतिशत रक्षोपाय (सेफगार्ड) शुल्क लगाने से इनका आयात रुक सकता है और आयातकों को इन वस्तुओं को घरेलू कंपनियों से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने मंगलवार को उक्त अनुमान जताते हुए कहा कि ऐसे में घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ेंगी।

इसने कहा कि चूंकि भारतीय उत्पादक घर्षण-रोधी प्लेटों जैसे विशेष इस्पात की मांग को पूरा नहीं कर सकते हैं, इसलिए इनका आयात होता रहेगा, लेकिन नए शुल्क से कच्चे माल की लागत 8-10 प्रतिशत बढ़ सकती है।

जीटीआरआई ने कहा कि 12 प्रतिशत रक्षोपाय शुल्क से ज्यायातर आयात रुक जाएगा, जिससे खरीदारों को घरेलू आपूर्तिकर्ताओं का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि ये नीतियां ‘मेक इन इंडिया’ की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से एमएसएमई विनिर्माण इकाइयों को नुकसान हो सकता है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय