समय से पहले सेवानिवृत्ति चाहते हैं 70 प्रतिशत लोग, लेकिन बचत की रफ्तार धीमी: अध्ययन

समय से पहले सेवानिवृत्ति चाहते हैं 70 प्रतिशत लोग, लेकिन बचत की रफ्तार धीमी: अध्ययन

समय से पहले सेवानिवृत्ति चाहते हैं 70 प्रतिशत लोग, लेकिन बचत की रफ्तार धीमी: अध्ययन
Modified Date: September 16, 2026 / 02:59 pm IST
Published Date: September 16, 2026 2:59 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) देश में शहरी क्षेत्रों के लोग अब पारंपरिक सेवानिवृत्ति उम्र से पहले ही कामकाजी जीवन से मुक्त होने की इच्छा रखते हैं और सेवानिवृत्ति की तैयारी भी पहले शुरू कर रहे हैं। हालांकि, उनकी आकांक्षा और वित्तीय तैयारी के बीच अभी काफी फासला बना हुआ है। एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और कांतार के बुधवार को जारी एक अध्ययन में यह बात सामने आई।

इस अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक आयाम यानी परिवार और सामाजिक सहयोग भी सेवानिवृत्ति की तैयारी में महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।

अध्ययन के अनुसार, छोटे शहरों में सेवानिवृत्ति की तैयारी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मझोले शहरों (टियर दो) में सूचकांक 2025 के 44 से बढ़कर 2026 में 48 हो गया। महानगरों में यह 50 और बड़े शहरों (टियर 1) में 48 रहा।

क्षेत्रों में पूर्वी भारत 52 अंक के साथ आगे रहा। पश्चिम और दक्षिण क्षेत्र 49-49 अंक के दूसरे स्थान पर रहे, जबकि उत्तर भारत ने 47 अंक हासिल किए। दक्षिण भारत में स्वास्थ्य संबंधी तैयारी का स्तर 2025 के 43 से बढ़कर 47 हो गया।

एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लि. और कांतार द्वारा किए गए ‘भरोसा टॉक्स भारत सेवानिवृत्ति सूचकांक अध्ययन’ के छठे संस्करण (आईआरआईएस-6) के अनुसार, करीब 10 में से सात शहरी भारतीय वित्तीय रूप से पूरी तरह से तैयार होने पर 58-60 साल की पारंपरिक सेवानिवृत्ति उम्र से पहले सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। इनमें से आधे लोग 50 साल की उम्र से पहले ही वित्तीय स्वतंत्रता हासिल कर सेवानिवृत्त होना चाहते हैं।

अध्ययन के अनुसार, हालांकि भारतीयों ने अपने लक्षित सेवानिवृत्ति कोष का औसतन केवल 28 प्रतिशत ही जुटाया है। इससे सेवानिवृत्ति को लेकर उनकी इच्छा और वास्तविक वित्तीय तैयारी के बीच अंतर का पता चलता है।

इसमें 2026 में भारत का कुल सेवानिवृत्ति तैयारी सूचकांक 49 रहा, जो 2025 के 48 और 2022 के 44 से अधिक है। वित्तीय तैयारी का स्तर मामूली सुधार के साथ 52 रहा, जबकि स्वास्थ्य को लेकर तैयारी 46 पर स्थिर रही। वहीं भावनात्मक तैयारी का स्तर पिछले साल के 58 के मुकाबले 57 रहा।

एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुमित मदान ने कहा, ‘‘भरोसा टॉक्स आईआरआईएस 6.0 से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि कई भारतीयों के लिए सेवानिवृत्त अब भी एक वित्तीय चुनौती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अध्ययन से पता चलता है कि सेवानिवृत्ति अब केवल एक निश्चित उम्र तक पहुंचने का विषय नहीं है, बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने और अपनी पसंद से आगे का जीवन तय करने से जुड़ा है।’’

मदान ने कहा, ‘‘युवाओं में सेवानिवृत्ति की तैयारी पहले शुरू करने की प्रवृत्ति बढ़ना सकारात्मक बदलाव है, लेकिन वित्तीय, स्वास्थ्य और भावनात्मक तैयारी को लेकर इस सोच को लगातार कार्रवाई में बदलने की जरूरत है।’’

कांतार की दक्षिण एशिया की प्रबंध निदेशक और मुख्य ग्राहक अधिकारी सौम्या मोहंती ने कहा, ‘‘भरोसा टॉक्स आईआरआईएस 6.0 से पता चलता है कि अलग-अलग पीढ़ियों और क्षेत्रों में ‘रिटायरमेंट प्लानिंग’ का तरीका बदल रहा है। युवा भारतीय अब सेवानिवृत्ति योजना जल्दी शुरू कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सेवानिवृत्ति की तैयारी में सेहत का ध्यान रखना भी अहम हो गया है।’’

अध्ययन के मुताबिक, हर दो में से एक शहरी भारतीय का मानना है कि सेवानिवृत्ति की योजना पहली तनख्वाह मिलने के साथ ही शुरू कर देनी चाहिए। लोगों का यह भी मानना है कि सेवानिवृत्ति के लिए बचत के बारे में सोचना शुरू करने की औसत उम्र 31 साल है। जेन जी (नई पीढ़ी) में यह उम्र 29 साल है, जबकि मिलेनियल्स (1981 से 1996 के बीच जन्म लेने वाले) में 31 और जेन एक्स प्लस (45 साल से अधिक) में 34 साल है।

युवा पीढ़ी में सेवानिवृत्ति के लिए निवेश शुरू करने का चलन भी बढ़ रहा है। जेन जी के 62 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने सेवानिवृत्ति के लिए निवेश शुरू कर दिया है। मिलेनियल्स में यह अनुपात 70 प्रतिशत और जेन एक्स प्लस में 75 प्रतिशत है।

अध्ययन में कहा गया कि 61 प्रतिशत लोगों को पता है कि मौजूदा जीवनशैली बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्ति के समय उन्हें कितने पैसे की जरूरत होगी। हालांकि, केवल 11 प्रतिशत लोगों को भरोसा है कि उनका सेवानिवृत्ति कोष पूरी जिंदगी चलेगा। वहीं, 39 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उनका कोष पांच साल भी नहीं चल पाएगा।

एक करोड़ रुपये या उससे कम राशि को आरामदायक सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त मानने वालों का अनुपात भी घटा है। 2025 में 77 प्रतिशत लोगों ने इसे पर्याप्त माना था, जो 2026 में घटकर 70 प्रतिशत रह गया। सालाना 15 लाख रुपये से अधिक पारिवारिक आय वाले लोगों में यह अनुपात 51 प्रतिशत और महानगरों में 63 प्रतिशत रहा।

अध्ययन के अनुसार, जेन एक्स प्लस की श्रेणी में आने वाले 91 प्रतिशत लोगों को इस बात का अफसोस है कि उन्होंने सेवानिवृत्ति के लिए निवेश पहले शुरू नहीं किया।

इसमें पाया गया कि स्वास्थ्य को भी सेवानिवृत्ति की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है। करीब 75 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि वे सेवानिवृत्ति के वर्षों में स्वस्थ रहेंगे। 52 प्रतिशत लोगों ने दावा किया कि उन्होंने स्वास्थ्य बीमा ले रखा है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले लोगों में 44 प्रतिशत रोजाना व्यायाम करते हैं, जबकि 21 प्रतिशत लोग अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए पहनने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।

अध्ययन में कहा गया कि सामाजिक आयाम यानी परिवार और सामाजिक सहयोग भी सेवानिवृत्ति की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। करीब 87 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि वे सेवानिवृत्ति के दौरान अपने बच्चों के साथ रहेंगे। हालांकि, सेवानिवृत्ति में परिवार और सामाजिक सहयोग मिलने का भरोसा 87 प्रतिशत से घटकर 84 प्रतिशत रह गया है।

महिलाओं का सेवानिवृत्ति तैयारी सूचकांक 49 रहा, जो पुरुषों के बराबर है। अध्ययन के अनुसार, 62 प्रतिशत महिलाओं को पता है कि सेवानिवृत्ति के लिए उन्हें कितने पैसे की जरूरत होगी। 52 प्रतिशत के पास स्वास्थ्य बीमा है और 41 प्रतिशत महिलाएं नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेती हैं। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि उनका सेवानिवृत्ति कोष 10 साल से अधिक समय तक चलेगा।

भाषा रमण अजय

अजय


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