स्वतंत्र कर नीति अनुसंधान को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनना चाहिए : सीतारमण

स्वतंत्र कर नीति अनुसंधान को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनना चाहिए : सीतारमण

स्वतंत्र कर नीति अनुसंधान को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनना चाहिए : सीतारमण
Modified Date: September 16, 2026 / 12:50 pm IST
Published Date: September 16, 2026 12:50 pm IST

बेंगलुरु, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि कर नीति पर स्वतंत्र अनुसंधान को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनना चाहिए।

उन्होंने साथ ही कहा कि कर पेशेवरों को क्षेत्रीय हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सीतारमण ने यहां ‘इंटरनेशनल टैक्स रिसर्च एंड एनालिसिस फाउंडेशन’ द्वारा ‘न्यू एज टैक्सेशन’ विषय पर आयोजित आठवें अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘परिपक्व कर नीति पर बहस क्षेत्रीय विचारों से आगे बढ़नी चाहिए।’’

उन्होंने कर पेशेवरों से आग्रह किया कि वे ‘‘क्षेत्रीय हितों से ऊपर उठकर देश को प्राथमिकता दें।’’

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) से संबंधित प्रावधानों को जानबूझकर तर्कसंगत बनाया है, सीमा बढ़ाई है और अनावश्यक आपराधिक प्रावधानों को कम किया है।

अंतरराष्ट्रीय कराधान के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने मॉरीशस, सिंगापुर और साइप्रस के साथ अपने कर समझौतों पर फिर से बातचीत की है, ताकि स्रोत पर पूंजीगत लाभ पर कर लगाने का अपना अधिकार बहाल किया जा सके।

भाषा निहारिका

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