बिजली मंत्री मनोहर लाल ने अमेरिका, कनाडा के प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात

बिजली मंत्री मनोहर लाल ने अमेरिका, कनाडा के प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात

बिजली मंत्री मनोहर लाल ने अमेरिका, कनाडा के प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात
Modified Date: September 16, 2026 / 02:03 pm IST
Published Date: September 16, 2026 2:03 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) भारत और अमेरिका स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

भारत, कनाडा के साथ ऊर्जा दक्षता, कम उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों और समुद्र में तेल-गैस खोज के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा।

ये चर्चाएं ह्यूस्टन में जी20 ऊर्जा प्रचुरता कार्य समूह की बैठकों से इतर केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल और अमेरिका तथा कनाडा के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई बैठकों का हिस्सा थीं।

बिजली मंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने स्तंभ एक एवं स्तंभ दो के तहत अपना पक्ष रखा तथा ऊर्जा सहयोग मजबूत करने के मुद्दे पर अमेरिका और कनाडा के वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय चर्चा की।’’

लाल ने मंगलवार को हुई द्विपक्षीय बैठक में अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से मुलाकात की। कृत्रिम मेधा (एआई), उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग तथा डेटा केंद्रों के लिए भारत की बिजली बुनियादी ढांचा योजनाओं के साथ-साथ भारत के परमाणु ऊर्जा विस्तार पर चर्चा की गई।

दोनों पक्षों ने अमेरिका-भारत ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के तहत स्वच्छ ऊर्जा, मजबूत बुनियादी ढांचे और उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग की प्राथमिकताओं की फिर से पुष्टि की।

लाल ने कनाडा के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री के संसदीय सचिव कोरी होगन से भी मुलाकात की और भारत सरकार की ‘समुद्र मंथन’ योजना के तहत ऊर्जा दक्षता, कम उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों तथा समुद्र में तेल-गैस खोज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

मंत्री ने कनाडा की कंपनियों को भारत के बढ़ते खोज एवं उत्पादन क्षेत्र में भाग लेने और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में लाल ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 552 गीगावाट हो गई है, गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है तथा सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, परमाणु ऊर्जा एवं स्वच्छ खाना पकाने की सुविधा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित, टिकाऊ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित करने तथा वैश्विक ऊर्जा स्थिरता में सार्थक योगदान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां मजबूत करने के साथ संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा रणनीति पर आगे भी काम करता रहेगा।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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