पहली छमाही में 73 प्रतिशत नियोक्ताओं की नए स्नातकों की भर्ती की योजनाः रिपोर्ट
पहली छमाही में 73 प्रतिशत नियोक्ताओं की नए स्नातकों की भर्ती की योजनाः रिपोर्ट
मुंबई, 18 फरवरी (भाषा) देश में जनवरी-जून, 2026 के दौरान 73 प्रतिशत नियोक्ता नए स्नातकों की भर्ती करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि अब भर्ती का निर्णय केवल डिग्री के बजाय इंटर्नशिप एवं वास्तविक परियोजना अनुभव पर अधिक निर्भर होता जा रहा है। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
कौशल विकास एवं उद्योग-उन्मुख शिक्षा में सक्रिय फर्म टीमलीज एडटेक की जनवरी-जून, 2026 छमाही के लिए जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज से पढ़कर निकले युवाओं की भर्ती का इरादा पिछले छह माह की तुलना में तीन प्रतिशत अंक बढ़ा है।
‘करियर आउटलुक रिपोर्ट’ नवंबर, 2025 से जनवरी, 2026 के बीच भारत के विभिन्न शहरों एवं उद्योगों के 1,051 नियोक्ताओं के सर्वेक्षण पर आधारित है।
क्षेत्रवार मांग के मामले में खुदरा क्षेत्र 91 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद ई-कॉमर्स एवं प्रौद्योगिकी स्टार्टअप (90 प्रतिशत) तथा विनिर्माण (85 प्रतिशत) का स्थान है।
खुदरा क्षेत्र में ‘डार्क स्टोर असिस्टेंट’ और ‘इन्वेंट्री मैनेजमेंट असिस्टेंट’ की मांग अधिक है। ई-कॉमर्स एवं प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में ‘डिजिटल सेल्स एसोसिएट’ और ‘जूनियर वेब डेवलपर’ पदों पर भर्ती हो रही है जबकि विनिर्माण में ‘इन्वेंट्री एंड लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेटर’ और ‘बैटरी असेंबली टेक्नीशियन’ की मांग ज्यादा है।
टीमलीज एडटेक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी शांतनु रूज ने कहा, “नए स्नातकों की भर्ती करने का नियोक्ताओं का इरादा 73 प्रतिशत तक पहुंचना दर्शाता है कि नियोक्ताओं का युवा प्रतिभा पर भरोसा बढ़ रहा है। हालांकि, चयन प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक कौशल आधारित हो गई है।”
रूज ने कहा कि अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन अब पदों पर चयन अधिक चयनात्मक हो गया है। जिन उम्मीदवारों के पास इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो या व्यावहारिक अनुभव है, वे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं जबकि सिर्फ डिग्री वाले युवाओं को नौकरी पाने में अधिक समय लग रहा है।
भौगोलिक रूप से बेंगलुरु 84 प्रतिशत के साथ स्नातकों की भर्ती मंशा में शीर्ष पर है जबकि मुंबई 72 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु एवं मुंबई की देश में शुरुआती स्तर की भर्ती गतिविधियों में बड़ी हिस्सेदारी है और युवाओं को प्रौद्योगिकी, परिचालन, स्वास्थ्य एवं वाणिज्य क्षेत्रों में विविध अवसर मिल रहे हैं।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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