जनवरी, 2021 से मार्च, 2026 तक आवासीय परियोजनाओं के लिए 7,714 एकड़ जमीन के सौदे : रिपोर्ट

जनवरी, 2021 से मार्च, 2026 तक आवासीय परियोजनाओं के लिए 7,714 एकड़ जमीन के सौदे : रिपोर्ट

जनवरी, 2021 से मार्च, 2026 तक आवासीय परियोजनाओं के लिए 7,714 एकड़ जमीन के सौदे : रिपोर्ट
Modified Date: September 9, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: September 9, 2026 5:25 pm IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) रियल एस्टेट कंपनियों ने जनवरी, 2021 से मार्च, 2026 के दौरान आवासीय परियोजनाओं के विकास के लिए 7,700 एकड़ से अधिक जमीन के सौदे किए।

रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड के अनुसार, इस अवधि में कुल 7,714 एकड़ जमीन का लेनदेन हुआ।

कुशमैन एंड वेकफील्ड ने बुधवार को ‘बिल्डिंग इंडिया: लैंड मार्केट्स डिफाइन द नेक्स्ट डेवलपमेंट फ्रंटियर’ नाम से रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया कि जनवरी, 2021 से मार्च, 2026 के बीच 33 शहरों में 880 से अधिक सौदों के तहत 18,158 एकड़ जमीन का लेनदेन हुआ। इन सौदों में जमीन की सीधी खरीद के साथ-साथ संयुक्त विकास समझौते भी शामिल हैं।

इन भूखंडों को आवासीय, वाणिज्यिक (कार्यालय व मॉल), लॉजिस्टिक एवं औद्योगिक पार्क तथा डेटा सेंटर सहित विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों की परियोजनाएं विकसित करने के लिए खरीदा गया।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘प्रमुख शहरी केंद्रों में आवास की लगातार मजबूत मांग के कारण आवासीय जमीन के सौदे कुल लेनदेन में सबसे आगे बने हुए हैं।’’ इसमें कहा गया कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान 7,714 एकड़ जमीन के सौदे हुए।

अहमदाबाद, अमृतसर, बेंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर, कटक, दहेज, दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, कोलकाता, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मेरठ, मोहाली, मुंबई, मैसूर, नागपुर, नोएडा (ग्रेटर नोएडा सहित), पंचकूला, पानीपत, पुणे, रेवाड़ी, सोनीपत, सूरत, वडोदरा और विशाखापत्तनम उन 33 शहरों में शामिल हैं जहां जमीन सौदे हुए।

सलाहकार कंपनी ने कहा कि कुल जमीन सौदों में से सीधे खरीद के सौदे 10,910 एकड़ के रहे, जबकि संयुक्त उद्यम (जेवी) और संयुक्त विकास (जेडी) जैसी साझेदारी आधारित व्यवस्थाओं के तहत इसी अवधि में 4,405 एकड़ से अधिक जमीन का लेनदेन हुआ।

इस बीच, 2021 से 2026 की पहली तिमाही के दौरान लंबी अवधि के लिए पट्टे पर और पुनर्विकास से जुड़े सौदों में क्रमशः करीब 2,520 एकड़ और 323 एकड़ जमीन का लेनदेन हुआ।

भाषा निहारिका अजय

अजय


लेखक के बारे में