8th Pay Commission Salary: वेतन आयोगों का पूरा इतिहास देख चौंक जाएंगे! इस आयोग में बढ़ी थी सबसे कम सैलरी, जानिए कितनी बढ़ी थी कर्मचारियों की तनख्वाह!

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8th Pay Commission Salary: आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारी डीए बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच वेतन आयोगों के पुराने आंकड़ों पर चर्चा शुरू हो गई है। आइए जानते हैं कि इतिहास में किस वेतन आयोग के दौरान कर्मचारियों की सैलरी में सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 11:02 AM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 11:05 AM IST

(8th Pay Commission Salary/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 7वें वेतन आयोग में सबसे कम 14.3% वास्तविक वेतन वृद्धि।
  • छठे वेतन आयोग में हुई थी सबसे ज्यादा 54% बढ़ोतरी।
  • 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहा।

नई दिल्ली: 8th Pay Commission Salary: केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Salary) के गठन को मंजूरी मिलने के बाद लाखों केंद्रियी कर्मचारियों की नजर संभावित वेतन वृद्धि पर बनी हुई है। फिलहाल आयोग को लेकर बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। लेकिन अभी तक वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है। इसी बीच पुराने वेतन आयोगों में हुई सैलरी बढ़ोतरी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

7वें वेतन आयोग में सबसे कम रही वेतन वृद्धि

देश में अब तक सात वेतन आयोग लागू किए जा चुके हैं। शुरुआती वेतन आयोगों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन ढांचे को व्यवस्थित करना था। तीसरे वेतन आयोग के बाद वास्तविक वेतन वृद्धि की शुरुआत हुई। समय के साथ महंगाई और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में बदलाव किए गए। आंकड़ों के अनुसार, प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि छठे वेतन आयोग में हुई। जबकि सबसे कम बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission Salary) में दर्ज की गई।

7वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ी थी सैलरी?

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। हालांकि इसमें पहले से मिल रहे महंगाई भत्ते (DA) को नए बेसिक वेतन में शामिल कर दिया गया था। इस वजह से कर्मचारियों की वास्तविक वेतन वृद्धि औसतन करीब 14.3 फीसदी मानी गई जो पिछले वेतन आयोगों की तुलना में सबसे कम थी। हालांकि इस आयोग में न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह किया गया था।

चौथे से छठे वेतन आयोग में हुई बड़ी बढ़ोतरी

वेतन आयोगों के इतिहास पर नजर डालें तो पहले वेतन आयोग का गठन 1947 में हुआ था और इसे 1949 में लागू किया गया। दूसरे वेतन आयोग का गठन 1957 में हुआ और 1959 में लागू किया गया। तीसरे वेतन आयोग ने 1973 में लागू होने के बाद महंगाई भत्ते को वेतन ढांचे का अहम हिस्सा बनाया। इसके बाद वेतन वृद्धि में तेजी आई। चौथे वेतन आयोग में करीब 27.6 फीसदी, पांचवें में 31 फीसदी और छठे वेतन आयोग में करीब 54 फीसदी तक वेतन वृद्धि हुई थी।

8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को उम्मीदें

अब केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Salary) से काफी उम्मीदें हैं। कर्मचारी संगठन लगातार अपनी मांगों को सरकार और आयोग के सामने रख रहे हैं। इनमें वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर है कि 8वां वेतन आयोग उनके लिए कितना बड़ा फायदा लेकर आता है।

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सबसे कम वेतन वृद्धि किस वेतन आयोग में हुई थी?

सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की वास्तविक वेतन वृद्धि सबसे कम मानी गई, जो औसतन करीब 14.3 फीसदी थी।

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना था?

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था।

7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन कितना बढ़ा था?

इस वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह किया गया था।

सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि किस वेतन आयोग में हुई थी?

प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि छठे वेतन आयोग में हुई थी, जिसमें करीब 54 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी।