Chhattisgarh High Court: नाबालिग की अवांछित गर्भावस्था पर छत्तीसगढ़ HC का आया बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

Chhattisgarh High Court: नाबालिग की अवांछित गर्भावस्था पर छत्तीसगढ़ HC का आया बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

Chhattisgarh High Court: नाबालिग की अवांछित गर्भावस्था पर छत्तीसगढ़ HC का आया बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

Chhattisgarh High Court: नाबालिग की अवांछित गर्भावस्था पर छत्तीसगढ़ HC का आया बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला /image: AI Generated

Modified Date: July 17, 2026 / 10:39 am IST
Published Date: July 17, 2026 10:29 am IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाबालिग के मेडिकल परीक्षण के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए
  • मेडिकल बोर्ड गर्भसमापन की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का आकलन करेगा
  • CMHO रायपुर को 20 जुलाई 2026 तक मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक नाबालिग की अवांछित गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की मांग संबंधी याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मेडिकल परीक्षण कराने का निर्देश दिया है।

Chhattisgarh High Court याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि, गर्भावस्था अवांछित है तथा घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। याचिकाकर्ता ने गर्भसमापन की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला दिया। राज्य की ओर से कहा गया कि किसी भी आदेश से पहले पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है। दोनों पक्षों की दलीलों और सर्वोच्च न्यायालय के उपर्युक्त निर्णय में प्रतिपादित सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि नाबालिग याचिकाकर्ता अपने वैधानिक अभिभावक के माध्यम 17 जुलाई 2026 को सीएमएचओ रायपुर के समक्ष चिकित्सकीय परीक्षण के लिए उपस्थित हो।

मेडिकल बोर्ड गठित करें: कोर्ट

हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि सीएमएचओ विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिनमें महिला स्त्रीरोग विशेषज्ञ भी शामिल हों, का मेडिकल बोर्ड गठित करें। बोर्ड यह परीक्षण करेगा कि गर्भसमापन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है या नहीं तथा इससे नाबालिग के जीवन या स्वास्थ्य को कोई गंभीर जोखिम तो नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान परिवार की सहमति से एक वयस्क महिला सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा पीड़िता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सीएमएचओ को परिवहन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और परीक्षण के बाद याचिकाकर्ता को सुरक्षित रूप से उसके अभिभावक के साथ वापस भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

CMHO को दिए अहम निर्देश

अदालत (Chhattisgarh High Court) ने सीएमएचओ रायपुर को 20 जुलाई 2026 तक या उससे पहले मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में गर्भसमापन की संभावना, उससे जुड़े चिकित्सकीय जोखिम तथा संभावित शारीरिक एवं मेडिकल परिणामों का उल्लेख किया जाएगा।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.