दीर्घकालिक बिजली मांग के लिए मिश्रित ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को गति दें: अग्रवाल

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दीर्घकालिक बिजली मांग के लिए मिश्रित ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को गति दें: अग्रवाल

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 09:08 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 09:08 PM IST

जयपुर, चार अप्रैल (भाषा) केंद्रीय बिजली मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल ने दीर्घकालिक बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विभिन्न ऊर्जा स्रोतों के मिश्रण (एनर्जी मिक्स) पर आधारित परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय एवं गैर नवीकरणीय स्रोतों से राज्य में ऊर्जा की बढ़ती मांग का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। अग्रवाल शनिवार को यहां विद्युत भवन में राज्य के ऊर्जा विभाग एवं विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ले रहे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में ‘पीएम-कुसुम’ योजना के माध्यम से विकेन्द्रित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिला है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार केन्द्रीय विद्युत सचिव ने कहा कि विकेंद्रित सौर परियोजनाएं विकसित होने के बाद ग्रिड में उत्पादित सौर ऊर्जा के एकीकरण की चुनौती भी पैदा हो रही है। ऐसे में वितरण निगम ‘ग्रिड’ स्थिरता की दिशा में स्वयं को बेहतर तरीके से तैयार करें।

उन्होंने ‘उच्चतम मांग’ के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली सहित अन्य परियोजनाओं को समय पर विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने राज्य के 24 जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली आपूर्ति पर चर्चा की। इस अवसर पर रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन (आरईसी) के प्रबंधक निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा ने बैठक में बताया कि पीएम कुसुम में अब तक करीब 3800 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं। उन्होंने जयपुर, अजमेर एवं जोधपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा घाटे में कमी की दिशा में किए जा रहे कामों की भी जानकारी दी।

भाषा पृथ्वी रवि कांत पाण्डेय

पाण्डेय