नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा कंपनी एक्सेंचर ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के बीच अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ देने के लिए अपने वेतन संशोधन के तरीके में बदलाव किया है। कंपनी अब वेतन वृद्धि का 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन (बेस पे) में जोड़ेगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान के रूप में देगी।
पीटीआई-भाषा के पास उपलब्ध कंपनी के एक आंतरिक दस्तावेज के अनुसार, इस वर्ष जून के मुख्य वेतन संशोधन चक्र में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत टैलेंट और ग्रुप लीड पात्र कर्मियों के लिए कुल वेतन वृद्धि का प्रतिशत तय करेंगे, जिसे बाद में इसे दो बराबर-बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी के लिए तीन प्रतिशत वेतन वृद्धि स्वीकृत होती है, तो 1.5 प्रतिशत उसके मूल वेतन में जोड़ा जाएगा और शेष 1.5 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान के रूप में दिया जाएगा।
कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों को तत्काल नकद राशि का लाभ मिलेगा, जिसे कई कर्मचारी महत्व देते हैं। साथ ही, मूल वेतन पर दीर्घकालिक भार सीमित रहने से कंपनी अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे सकेगी।
हालांकि, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों पर यह 50:50 व्यवस्था लागू नहीं होगी। उनके वेतन में होने वाली पूरी वृद्धि पहले की तरह केवल मूल वेतन में ही जोड़ी जाएगी।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जून में दिया जाने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में मिलने वाले नियमित बोनस का विकल्प नहीं होगा। इसके अलावा, मूल वेतन में वृद्धि और एकमुश्त भुगतान-दोनों को कर्मचारी की वित्त वर्ष 2025-26 की पात्र आय का हिस्सा माना जाएगा और इन्हीं के आधार पर बोनस की गणना की जाएगी।
स्वैच्छिक इक्विटी निवेश कार्यक्रम (वीईआईपी) या कर्मचारी शेयर खरीद योजना (ईएसपीपी) में शामिल कर्मचारियों के लिए एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य नियमानुसार कटौतियां लागू होंगी।
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