खरीफ बुवाई सत्र के लिए उर्वरक का भंडार पर्याप्त, घबराहट में खरीद न करें: सरकार

खरीफ बुवाई सत्र के लिए उर्वरक का भंडार पर्याप्त, घबराहट में खरीद न करें: सरकार

खरीफ बुवाई सत्र के लिए उर्वरक का भंडार पर्याप्त, घबराहट में खरीद न करें: सरकार
Modified Date: May 11, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: May 11, 2026 5:54 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में उर्वरकों का ‘पर्याप्त’ भंडार है। साथ ही किसानों से अपील की कि वे घबराकर खरीदारी न करें।

पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर अंतर-मंत्रालयी बैठक में उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि सरकार घरेलू उत्पादन की पूर्ति के लिए और आगामी खरीफ मौसम के दौरान पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया के साथ-साथ अन्य उर्वरकों का आयात कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) स्थिर बने हुए हैं।

शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने एवं अत्यधिक इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत हैं। राज्य सरकारें जमाखोरी पर अंकुश लगाने और व्यावसायिक उपयोग के लिए उर्वरक तत्वों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की उर्वरक सुरक्षा आरामदायक और सुव्यवस्थित बनी हुई है।’’

शर्मा ने कहा, ‘‘ उर्वरक विभाग की ओर से यह बताया जाता है कि खरीफ 2026 के लिए कृषि विभाग द्वारा अनुमाति आवश्यकता के मुकाबले भंडार 51 प्रतिशत से अधिक है।’’

उन्होंने बताया कि यह भंडार सामान्य स्तर (करीब 33 प्रतिशत) से काफी अधिक है।

कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की कुल आवश्यकता 390.54 लाख टन आंकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ उर्वरकों का भंडार पर्याप्त है और प्रमुख उर्वरकों के एमआरपी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’’

संकट काल के बाद घरेलू उत्पादन 76.78 लाख टन और आयात 19.94 लाख टन रहा है।

उन्होंने जानकारी दी, ‘‘ इस प्रकार कुल 97 लाख टन उर्वरक की उपलब्धता बढ़ी है।’’

शर्मा ने बताया कि भारत ने वैश्विक स्रोतों से सात लाख टन ‘एनपीके कॉम्प्लेक्स’ सुरक्षित किए हैं।

इसके अलावा, देश के लिए 12 लाख टन डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट), चार लाख टन ट्रिपल सुपर फॉस्फेट और तीन लाख टन अमोनियम सल्फेट भी सुनिश्चित किए गए हैं। इससे अगले 15-20 दिन में शुरू होने वाले सबसे अधिक मांग के समय में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।

उन्होंने बताया कि सचिवों का एक अधिकार प्राप्त समूह इस स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा कर रहा है।

उर्वरक विभाग ने पिछले सप्ताह जानकारी दी थी कि मार्च-अप्रैल के दौरान घरेलू उत्पादन 67.76 लाख टन रहा है। इसमें यूरिया (40.72 लाख टन), डीएपी (5.39 लाख टन), एनपीके (13.65 लाख टन) और एसएसपी (आठ लाख टन) शामिल हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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