एआई से आईटी सेवाओं की भूमिका घटने के बजाय अधिक महत्वपूर्ण बनेगीः आनंद महिंद्रा

एआई से आईटी सेवाओं की भूमिका घटने के बजाय अधिक महत्वपूर्ण बनेगीः आनंद महिंद्रा

एआई से आईटी सेवाओं की भूमिका घटने के बजाय अधिक महत्वपूर्ण बनेगीः आनंद महिंद्रा
Modified Date: July 17, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: July 17, 2026 10:23 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टेक महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण भारतीय आईटी सेवा उद्योग के खत्म होने की आशंका को निराधार बताते हुए शुक्रवार को कहा कि इस क्षेत्र की भूमिका घटने की जगह समय के साथ अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी।

महिंद्रा ने टेक महिंद्रा की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत केवल बाहर विकसित प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता बनकर नहीं रह सकता है, बल्कि उसे एआई के क्षेत्र में निर्माता, आकार देने वाला और भरोसेमंद उपयोगकर्ता भी बनना होगा।

उन्होंने कहा कि भारत की ताकत ‘अभाव से प्रेरित नवाचार’ में निहित है। उन्होंने मिसाल के तौर पर ‘परम’ सुपरकंप्यूटर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी सीमाएं भी देश में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा दे सकती हैं।

महिंद्रा ने कहा कि यही सोच ‘संप्रभु एआई’ के विकास में भी झलकनी चाहिए, जिसमें घरेलू क्षमता, भरोसेमंद साझेदारी और आत्मनिर्भरता अहम भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने बताया कि ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत टेक महिंद्रा का चुना जाना कंपनी के लिए बड़ी जिम्मेदारी है और कंपनी इसे बहुत गंभीरता से लेती है।

महिंद्रा ने कहा कि एआई पुराने कारोबारी मॉडल को चुनौती देगा, लेकिन इसके साथ यह नए अवसर भी पैदा करेगा और आने वाले समय में रोजगार तथा नवाचार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक बन सकता है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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