मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) विमानन कंपनी एयर इंडिया लिमिटेड, ‘इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग’ (ईवीटीओएल) विमान बनाने वाली स्काईड्राइव और जापान की सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन ने भारत में चिकित्सकीय सामान की हवाई आपूर्ति के लिए ईवीटीओएल विमानों के उपयोग की व्यवहार्यता का संयुक्त अध्ययन करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।
एयर इंडिया की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह प्रस्तावित सहयोग ऐसे समय में किया गया है जब भारत के प्रमुख शहरों में भारी जाम के कारण समय पर चिकित्सकीय आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
विज्ञप्ति के अनुसार, स्काईड्राइव की ईवीटीओएल प्रौद्योगिकी, एयर इंडिया की परिचालन विशेषज्ञता और भारतीय बाजार के बारे में सुजुकी की समझ को एक साथ लाकर तीनों कंपनियों का लक्ष्य आपात चिकित्सकीय आपूर्ति को अंतिम छोर तक पहुंचाने वाले समाधान विकसित करना है। इससे भारत के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एयर इंडिया लिमिटेड के प्रमुख (मालवाहक) रमेश मामिडाला ने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक है। हम उन्नत हवाई परिवहन को देश के परिवहन तंत्र का स्वाभाविक विस्तार मानते हैं। चिकित्सकीय सामान की हवाई आपूर्ति के लिए ईवीटीओएल विमानों का संभावित उपयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है…’’
स्काईड्राइव इंक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तोमोहिरो फुकुजावा ने कहा, ‘‘ हम एयर इंडिया और सुजुकी के साथ चिकित्सकीय आपूर्ति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। यह ऐसा क्षेत्र है जहां हर सेकंड अहम होता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है। भारत में, जहां लगातार भारी जाम एक गंभीर समस्या है, वहां उच्च मूल्य एवं समय पर चिकित्सकीय सामग्री की आपूर्ति के लिए ईवीटीओएल विमानों का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगा।’’
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अगली पीढ़ी के कारोबार विकास विभाग के कार्यकारी महाप्रबंधक मसाओ फुजीतानी ने कहा कि स्काईड्राइव द्वारा विकसित किया जा रहा ईवीटीओएल विमान परिवहन का एक नया स्वरूप है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें विश्वास है कि यह शहरी क्षेत्रों में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सुजुकी ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप विविध परिवहन समाधान उपलब्ध कराना जारी रखेगी और क्षेत्रीय विकास में योगदान देगी।’’
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