मौसम की मार से हिमाचल में सेब का उत्पादन 40 प्रतिशत घटने की आशंका

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मौसम की मार से हिमाचल में सेब का उत्पादन 40 प्रतिशत घटने की आशंका

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 06:18 PM IST

शिमला, छह जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गंभीर और अभूतपूर्व जलवायु संकट का सामना कर रही है। अनुमान है कि राज्य में सेब का उत्पादन पिछले साल (वर्ष 2025) के 6.99 लाख टन से लगभग 40 प्रतिशत घट सकता है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मौसम की अनिश्चितताओं, जैसे सर्दियों में कम बर्फबारी, वसंत ऋतु में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव का असर सेब के उत्पादन पर पड़ने की आशंका है। सेब राज्य के आठ जिलों में कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सेब का उत्पादन वर्ष 2025 में 6.99 लाख टन था, जिसके वर्ष 2026 में लगभग 4.36 लाख टन (लगभग 2.15 करोड़ बक्से) रहने का अनुमान है। यह 2.63 लाख टन की भारी गिरावट है।

बागवानी निदेशक सतीश कुमार ने कहा, ‘‘सेब की खेती का रकबा लगभग 1.16 लाख एकड़ है (जो फलों की फसलों के तहत कुल 2.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लगभग 49 प्रतिशत है)।

सेब की खेती में लगभग 2.5 लाख परिवार शामिल हैं। बागवान चिंतित हैं क्योंकि मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण भारी नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही दवाइयों और मशीनरी जैसी चीजों की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। खराब मौसम के कारण स्टोन फ्रूट (गुठली वाले फलों) की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय