असम का बजट संतुलित, रोजगार व महिला सशक्तीकरण पर जोर: हिमंत विश्व शर्मा
असम का बजट संतुलित, रोजगार व महिला सशक्तीकरण पर जोर: हिमंत विश्व शर्मा
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 10 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य के बजट को शुक्रवार को ‘राजस्व-तटस्थ’ करार देते हुए कहा कि इसमें राजस्व व्यय, पूंजीगत व्यय और राजस्व प्राप्तियों के बीच संतुलन रखा गया है।
वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ द्वारा विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किए जाने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि यह बजट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘संकल्प पत्र’ में किए वादों को प्रतिबिंबित करता है और इसमें रोजगार, महिला सशक्तीकरण, बिजली, संपर्क तथा कृषि क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह राजस्व-तटस्थ बजट है। इसका अर्थ है कि वेतन, ब्याज, पेंशन और अन्य प्रतिबद्ध देनदारियों जैसे राजस्व व्यय का पूरा वहन राजस्व प्राप्तियों से हो रहा है…। यानी राजस्व आय और राजस्व व्यय के बीच संतुलन है। साथ ही पूंजीगत व्यय, राजस्व व्यय और राजस्व प्राप्तियां भी संतुलित स्तर पर हैं। ’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015-16 में राज्य का पूंजीगत व्यय 2,951 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये हो गया है।
कराधान के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘ हरित उपकर को छोड़कर यह कर-तटस्थ बजट है। यह राज्य की वित्तीय स्थिति के अनुरूप है।’’
शर्मा ने कहा कि उद्योगों को प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां करने से रोकने के लिए और टिकाऊ तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के लिए हरित उपकर लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
बजट के विभिन्न प्रस्तावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘अरुणोदोई’ और ‘निजुत मोइना’ जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के साथ मिलकर 1,200 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर परिवेश विकसित करने पर काम कर रही है, ताकि स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) इस उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादों का निर्माण कर सकें।
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से कृत्रिम मेधा (एआई) मॉड्यूल लागू किया जाएगा और जल्द ही चार से पांच विभाग इसे अपनाएंगे।
अपराधियों और बहुविवाह के खिलाफ अपनी सरकार के सख्त रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने आगाह करते हुए कहा, ‘‘ बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।’’
बरुआ ने शुक्रवार को 2026-27 वित्त वर्ष के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें छोटे चाय उत्पादकों के लिए कर छूट की सीमा चार गुना बढ़ाने और पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पर मूल्य वर्धित कर (वैट) को लगभग 10 प्रतिशत घटाने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बजट घाटे को घटाकर 419 करोड़ रुपये करना है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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