एटीएम से निकासी 2025 में घटी, प्रति लेनदेन की राशि बढ़ीः रिपोर्ट
एटीएम से निकासी 2025 में घटी, प्रति लेनदेन की राशि बढ़ीः रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) देश में एटीएम से नकद निकासी में 2025 के दौरान गिरावट देखी गई जबकि प्रति लेनदेन की औसत राशि बढ़ी है। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
वित्तीय संस्थानों को लॉजिस्टिक समर्थन और एटीएम संचालन से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनी सीएमएस इन्फो सिस्टम्स की रिपोर्ट ‘भारत में उपभोग रुझान 2025’ कहती है कि देश के भीतर उपभोक्ता खर्च के लिए नकद का इस्तेमाल अब भी बड़े पैमाने पर हो रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में एटीएम से मासिक औसत नकद निकासी 2025 में 1.21 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1.30 करोड़ रुपये थी।
एटीएम से प्रति लेनदेन की औसत राशि 4.5 प्रतिशत बढ़कर 2025 में 5,835 रुपये हो गई, जबकि 2024 में यह 5,586 रुपये थी।
सीएमएस ने एक बयान में कहा कि कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में नकद निकासी की प्रवृत्ति अधिक रही, जहां प्रति एटीएम मासिक औसत निकासी 1.30 करोड़ रुपये रही जबकि महानगरों एवं शहरी क्षेत्रों में यह क्रमशः 1.18 करोड़ एवं 1.11 करोड़ रुपये थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम, त्योहार और आवाजाही की सुविधा जैसे कारक भी मासिक एटीएम नकद वितरण पर असर डालते हैं।
कंपनी ने दुकानदारों से संबंधित नकदी प्रबंधन आंकड़ों के आधार पर उपभोक्ता खर्च के रुझान भी साझा किए। सितंबर महीने में जीएसटी सुधारों के बाद खर्च के रुझान में बदलाव देखे गए।
बीमा क्षेत्र पर 2025 में उपभोक्ता व्यय 25 प्रतिशत रहा जो सरकार की पहल से 32 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, शिक्षा, आतिथ्य और मीडिया एवं मनोरंजन में खर्च क्रमशः सात, नौ और 15 प्रतिशत घटा।
सीएमएस के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अनुष राघवन ने कहा, ‘वर्ष 2025 के दौरान जीएसटी सुधार और अन्य वृहद-आर्थिक दबावों के बीच भारतीय उपभोक्ता ने खर्च में कटौती नहीं की, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं को संतुलित किया।’
राघवन ने कहा कि उपभोक्ता अब अधिक सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं और अस्थायी विलासिता से मूल्य, सुरक्षा और उपयोगिता की तरफ रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति संगठित खुदरा और उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में मजबूत वृद्धि के रूप में नजर आई।
यह रिपोर्ट सीएमएस नकदी सूचकांक पर आधारित है जिसे एटीएम के माध्यम से नकद आपूर्ति और संगठित खुदरा चैनलों से संग्रहित नकदी दोनों के आधार पर तैयार किया गया है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
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