मुंबई, 12 मई (भाषा) निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय (एनबीएफसी) कंपनी बजाज फिनसर्व कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद अपनी बाजार हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ाने और अगले दशक में हर भारतीय परिवार तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
विविधीकृत बजाज समूह के शताब्दी समारोह के अवसर पर कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजीव बजाज ने कहा कि मजबूत आर्थिक वृद्धि एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) जैसे परिवेश के अंतर्निहित कारक इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे।
उन्होंने हालांकि इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि कंपनी क्या एक सार्वभौमिक बैंक बनने की इच्छुक है।
संजीव बजाज ने कहा कि कंपनी ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है और पिछले कुछ वर्षों में लाभप्रद तरीके से वृद्धि की है।
कंपनी अपनी अनुषंगी बजाज फाइनेंस के जरिये ऋण गतिविधियां संचालित करती है।
बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘ सिर्फ इसे बनाए रखना पर्याप्त नहीं है। हमें इसे धीरे-धीरे, व्यवस्थित एवं विवेकपूर्ण तरीके से बढ़ाना होगा।’’
अगले 10 वर्ष में कंपनी कारोबार निर्माण के साथ-साथ सामाजिक योगदान पर भी ध्यान देगी जो इसके संस्थापकों की सोच के अनुरूप है।
उन्होंने कहा, ‘‘ आज हम भारत के हर तीन में से एक परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। अगले 10 वर्ष में हमारा लक्ष्य हर परिवार तक पहुंच बनाना है।’’
मूल्य प्रणाली पर जोर देते हुए बजाज ने कहा कि कंपनी के लिए इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
वित्तीय समावेशन के प्रयासों पर उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्ष में कंपनी ने 2.5 करोड़ भारतीयों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा है।
बजाज ने माना कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण निकट अवधि में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं जिनका असर मुद्रास्फीति और खपत पर पड़ेगा।
भाषा निहारिका अजय
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