बैंकों का एनपीए घटकर दो प्रतिशत हुआ, पश्चिम एशिया संघर्ष का बैंकिंग प्रणाली पर असर नहीं: आरबीआई
बैंकों का एनपीए घटकर दो प्रतिशत हुआ, पश्चिम एशिया संघर्ष का बैंकिंग प्रणाली पर असर नहीं: आरबीआई
मुंबई, आठ अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात दिसंबर 2025 में घटकर दो प्रतिशत पर आ गया।
केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग प्रणाली के लिए सकल एनपीए इससे एक साल पहले की समान अवधि में 2.5 प्रतिशत था। एनपीए से 90 दिनों से अधिक समय तक बकाया ऋण के अनुपात का पता चलता है।
संपत्ति गुणवत्ता में यह सुधार खुदरा ऋण, सेवा, उद्योग और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में देखा गया। दिसंबर 2025 में खुदरा ऋण में एनपीए घटकर एक प्रतिशत, सेवाओं में 1.7 प्रतिशत, उद्योग में 1.8 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र में घटकर 5.7 प्रतिशत रह गया।
उल्लेखनीय है कि पिछली कई तिमाहियों से बैंकों के एनपीए में लगातार सुधार हो रहा है।
पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित प्रभाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण होने वाले खर्चों पर आरबीआई ने कहा कि इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण उत्पन्न होने वाले किसी संभावित तनाव के बारे में पूछे गए सवाल पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ”हम बैंकों की लाभप्रदता और सेहत के संबंध में कोई प्रणालीगत चिंता नहीं देख रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा संकट के कारण कुछ विशेष क्षेत्र और हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।
इस बीच, रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए ‘टीआरईडीएस’ मंच पर उनके पंजीकरण के लिए जांच-पड़ताल की आवश्यकता को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) मंच व्यापारिक प्राप्तियों के वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करने वाली एक प्रणाली है। यह एक डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर आधारित तकनीकी मंच है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
प्रेम

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