एटीएम लेनदेन की नाकामी पर रकम न लौटाने पर बैंक को मुआवजा देने का आदेश
एटीएम लेनदेन की नाकामी पर रकम न लौटाने पर बैंक को मुआवजा देने का आदेश
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) एक स्थानीय उपभोक्ता अदालत ने एटीएम से लेनदेन नाकाम रहने के बावजूद खाताधारक को कई महीनों तक रकम नहीं लौटाए जाने पर एक बैंक को 10,000 रुपये लौटाने के साथ अतिरिक्त मुआवजा और कानूनी खर्च भी देने का आदेश दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग ने बैंक ऑफ इंडिया को ‘सेवा में कमी’ का दोषी ठहराया। बैंक एटीएम से नकदी न निकलने के बावजूद शिकायतकर्ता को रकम वापस करने में नाकाम रहा था।
आयोग के अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ ने 22 मई को जारी आदेश में कहा, ‘‘देरी से रकम वापस करने पर मुआवजे से संबंधित रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों का मकसद सिर्फ असफल एटीएम लेनदेन से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान करना और ग्राहक के पैसे की तुरंत वापसी सुनिश्चित करना ही नहीं है, बल्कि ग्राहक को मुआवजा देना भी है। यह इसलिए किया जाता है ताकि असफल एटीएम लेनदेन की शिकायतों में लापरवाही पर बैंकों की जवाबदेही तय की जा सके।’’
उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी की निवासी शिकायतकर्ता चंदा ने 26 मई, 2022 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक एटीएम से 10,000 रुपये निकालने की कोशिश की थी। हालांकि एटीएम लेनदेन अस्वीकृत हो गया और कोई नकदी नहीं निकला, फिर भी बैंक ऑफ इंडिया के उनके खाते से रकम कट गई थी।
शिकायतकर्ता ने बैंक से संपर्क कर सात जून, 2022 को एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने रकम वापस करने की मांग की। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद यह पैसा उनके खाते में जमा नहीं किया गया।
आयोग ने पाया कि नोटिस दिए जाने के बावजूद दोनों बैंक उसके सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
असफल एटीएम लेनदेन को नियंत्रित करने वाले रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों को आधार बनाते हुए उपभोक्ता आयोग ने कहा कि बैंकों को ऐसे असफल लेनदेन को पांच दिनों के भीतर लौटाना जरूरी है। ऐसा न करने पर, देरी के लिए ग्राहक को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम

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