पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित
Modified Date: September 11, 2026 / 10:41 am IST
Published Date: September 11, 2026 10:41 am IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) देशभर में खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग सेवाएं शुक्रवार को प्रभावित हुईं।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तत्काल लागू करने और वेतन संबंधी लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

यूएफबीयू के आह्वान का निजी क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर असर नहीं पड़ा।

यूएफबीयू सात यूनियन का एक शीर्ष संगठन है, जो बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल संख्या के 90 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।

देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिकतर शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहीं क्योंकि कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया।

सार्वजनिक क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों (पीएसबी) और कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कामकाज जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं।

हालांकि, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।

यूएफबीयू के घटक संगठन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने पीटीआई से कहा, ‘‘चूंकि कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला और सरकार हमारी मांग पर सहमत नहीं हुई, इसलिए यह हड़ताल हमारे लिए मजबूरी बन गई है। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि केवल उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।’’

इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकतर बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल से कामकाज पर पड़ने वाले संभावित असर की जानकारी दी है।

एसबीआई ने ग्राहकों को जारी एक परामर्श में कहा, ‘‘हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि बैंक ने हड़ताल के दिनों में शाखाओं और कार्यालयों का सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हड़ताल के कारण बैंकों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।’’

यूनियन सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं। यह एक प्रमुख मांग है, जिस पर मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में कथित तौर पर सहमति बनी थी, लेकिन इस संबंध में सरकार की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है।

फिलहाल बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं।

पेंशन में संशोधन एवं सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते के एक समान सूत्र तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में जाने का विकल्प देने समेत अन्य लंबित मांगों का भी समाधान नहीं हुआ है।

भाषा निहारिका

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