Vande Bharat: सागर ‘शराबकांड’ एक्शन में बुलडोजर, आरोपियों के अवैध ठिकानों को किया गया ध्वस्त, एमपी की आंच क्यों पहुंची छत्तीसगढ़ तक?
Sagar Liquor Tragedy Update/Image Credit: IBC24
- सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 32 लोगों की मौत हो गई।
- शराब कांड के आरोपियों के अवैध ठिकानों को चिह्नित कर बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है।
- शाहगढ़, सिमरिया समेत कई इलाकों में भी आरोपियों के ठिकानों पर प्रशासन की नजर है।
Sagar Liquor Tragedy Update: भोपाल: सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 32 लोगों की मौत हो गई और अब शराब कांड के आरोपियों के अवैध ठिकानों को चिह्नित कर बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। बंडा के वार्ड नंबर 11 और 12 में एक साथ तीन जगहों पर कार्रवाई की जा रही है। शाहगढ़, सिमरिया समेत कई इलाकों में भी आरोपियों के ठिकानों पर प्रशासन की नजर है।
दरअसल, इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शराब कांड से प्रभावित लोगों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। इसके बाद प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरी और उन्हें निलंबित किया गया और मामले की जांच हाइकोर्ट के रिटायर जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह करेंगे।
Sagar Liquor Tragedy Update: अब इस पूरे मामले की गूंज छत्तीसगढ़ में भी सुनाई दे रही है। रायपुर में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाली अवैध शराब की आवक पर रोक लगनी चाहिए। इधर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि प्रदेश में नकली शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है और छत्तीसगढ़ में भी मध्यप्रदेश जैसी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यानी मध्यप्रदेश के सागर में शराब कांड के बाद हुए बुलडोजर एक्शन और प्रशासनिक कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ में भी सियासी बहस तेज कर दी है। सरकार जहां अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ अभियान की बात कर रही है। वहीं कांग्रेस सरकार की नीयत और व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
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