हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी, आर्थिक नीतियों का लक्ष्य लोगों का जीवन बेहतर बनाना हो: राष्ट्रपति

हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी, आर्थिक नीतियों का लक्ष्य लोगों का जीवन बेहतर बनाना हो: राष्ट्रपति

हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी, आर्थिक नीतियों का लक्ष्य लोगों का जीवन बेहतर बनाना हो: राष्ट्रपति
Modified Date: March 27, 2026 / 03:46 pm IST
Published Date: March 27, 2026 3:46 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी होती है और आर्थिक नीतियों की वास्तविक कसौटी केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उनके परिणाम होते हैं।

राष्ट्रपति भवन में उनसे मिलने आए भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा में आर्थिक योजना एवं उसके क्रियान्वयन की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

मुर्मू ने कहा कि टिकाऊ वृद्धि सुनिश्चित करने, महंगाई का प्रबंधन करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, असमानताओं को कम करने और जटिल आर्थिक माहौल में अर्थव्यवस्था का मार्गदर्शन करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा, “ साथ ही आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि हर आंकड़े के पीछे एक मानवीय कहानी होती है। आर्थिक नीति की वास्तविक कसौटी केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि उसके परिणामों में होती है। इसे खासकर सबसे कमजोर वर्गों के लोगों के जीवन में सुधार लाना चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का मार्गदर्शन सहानुभूति की गहरी भावना और समावेशी तथा न्यायसंगत विकास के प्रति प्रतिबद्धता से होना चाहिए।

मुर्मू ने आईईएस अधिकारियों से ईमानदारी एवं पेशेवर मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ सार्वजनिक सेवा में विश्वास आपकी सबसे मूल्यवान पूंजी है और इसे आपके निर्णयों तथा कार्यों के माध्यम से अर्जित एवं बनाए रखा जाना चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने उनसे मिलने आये केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) के अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का दृष्टिकोण ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती और विश्वसनीयता से गहराई से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ बिजली केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं है। यह औद्योगिक विकास, नवाचार, बेहतर जीवन स्तर और देश की समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति की प्रेरक शक्ति है।’’

भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बिजली ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाना इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक एकीकरण जीवाश्म ईंधनों (कोयला आदि) पर निर्भरता कम करेगा और अधिक स्वच्छ तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बिजली क्षेत्र के निर्माण में मदद करेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्था की ओर बदलाव प्रौद्योगिकी एवं परिचालन संबंधी चुनौतियां हैं, जिन्हें नवोन्मेषी सोच, प्रौद्योगिकी प्रगति और प्रभावी योजना के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

भाषा

निहारिका रमण

रमण


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