बंगाल बजट: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, एक लाख लोगों की होगी नियुक्ति

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बंगाल बजट: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, एक लाख लोगों की होगी नियुक्ति

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 02:12 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 02:12 PM IST

कोलकाता, 22 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने सोमवार को अपने पहले बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत वृद्धि, एक लाख खाली पदों को भरने और ‘अन्नपूर्णा योजना’ के लिए 36,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया।

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार को पिछली सरकार से 8.15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला है।

उन्होंने कहा कि राजकोषीय अनुशासन बहाल करना तथा राजकाज में जनता का विश्वास बहाल करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘ भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासनिक ढांचे का निर्माण हमारे दृष्टिकोण का प्रमुख आधार है। हमें राजकाज में लोगों का भरोसा फिर से कायम करना होगा।’’

दासगुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) को एक अक्टूबर से 20 प्रतिशत बढ़ाकर 38 प्रतिशत किया जाएगा।

इस कदम से राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले डीए और उनके केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते में अंतर कम होकर 22 प्रतिशत रह गया है।

यह एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घोषणा है, क्योंकि पिछली सरकार के दौरान इस मुद्दे पर सरकारी कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे।

बजट पेश करने से पहले दासगुप्ता और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में एक संक्षिप्त प्रार्थना समारोह में भाग लिया।

दासगुप्ता ने कहा, ‘‘ हमने यह बजट जागृत राष्ट्रीय शक्ति से प्रेरणा लेकर तैयार किया है।’’

उन्होंने घोषणा की कि पुलिस में 20,000 पद और स्कूलों में 50,000 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पद सहित एक लाख रिक्तियां चरणबद्ध तरीके से भरी जाएंगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि 33 प्रतिशत नौकरियां महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि जहां लागू होगा वहां अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकारी भर्तियों के लिए अधिकतम आयु सीमा, जिसे पहले ही पांच वर्ष तक बढ़ाया गया है, अगले दो वर्षों तक जारी रहेगी।’’

दासगुप्ता ने कहा कि सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचे। जहां आवश्यकता होगी, वहां आवश्यक सुधार किए जाएंगे।’’

दासगुप्ता ने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। इसके तहत 25-60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में 3,000 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी।

बजट में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा के लिए 550 करोड़ रुपये भी निर्धारित किए गए हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘ इस सुविधा का लाभ लेने के लिए जल्द ही ‘पिंक कार्ड’ प्रणाली शुरू की जाएगी।’’

सरकार ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है।

बजट में सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए 5,000 रुपये मासिक पेंशन और उन लोगों के लिए 10,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रस्ताव भी रखा गया है जिन्होंने सरकार के अनुसार राजनीतिक रूप से प्रेरित या झूठे मामलों में जेल में समय बिताया था।

कल्याणकारी उपायों के तहत सरकार ने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए 5,000 रुपये मासिक वृद्धि की घोषणा की।

सिविक वालंटियर, ग्रीन पुलिस कर्मियों, एनवीएफ कर्मियों, प्राणी बंधु और प्राणी मित्र कार्यकर्ताओं को अगस्त से प्रति माह अतिरिक्त 2,000 रुपये मिलेंगे।

बजट में राज्य की सब्सिडी वाली भोजन योजना का विस्तार करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में अतिरिक्त ‘मां आहार’ केंद्र खोले जाएंगे, जहां मछली और चावल सहित भोजन नाममात्र दरों पर उपलब्ध होगा।

सरकार ने 125-दिवसीय वीबी जी-राम-जी योजना के लिए आवंटन भी बढ़ाया है और 25 लाख नए लाभार्थियों को शामिल करने की घोषणा की है।

बजट में कोलकाता में चिंगरीघाटा एवं न्यू टाउन के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर, दादनपात्राबर में गहरे समुद्री बंदरगाह, बीरभूम में मयूराक्षी नदी पर चार-लेन पुल तथा दुर्गापुर, आसनसोल और सिलीगुड़ी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए अध्ययन का प्रस्ताव भी शामिल है।

दासगुप्ता ने कहा कि झारग्राम में एक जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जबकि राज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) मिशन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘गिग वर्कर्स’ के लिए मुफ्त चार्जिंग प्वाइंट और पेयजल जैसी विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

दासगुप्ता ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।

उन्होंने कहा, ‘‘ लोग राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में पारदर्शिता की अपेक्षा करते हैं। हमें रोजगार, औद्योगिक विकास और एक आधुनिक, प्रगतिशील बंगाल के निर्माण के अवसर पैदा करते हुए संतुलन बनाए रखना होगा।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण