बंगाल में ‘कट मनी’ मुक्त कारोबारी माहौल देंगे, निवेशकों की शिकायतों पर होगी कार्रवाई: अधिकारी
बंगाल में ‘कट मनी’ मुक्त कारोबारी माहौल देंगे, निवेशकों की शिकायतों पर होगी कार्रवाई: अधिकारी
कोलकाता, 23 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में ‘कट मनी’ से मुक्त और सुगम कारोबारी माहौल सुनिश्चित करना चाहती है। उन्होंने निवेशकों से पैसे की मांग या किसी अन्य तरह के उत्पीड़न की शिकायत 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन पर करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने 33 औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन सौंपे जाने के एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य सचिवालय में 24 घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर सरकार कार्रवाई करेगी और औद्योगिक इकाइयों को सुचारू रूप से काम करने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कार्यालय, कारखाने या कारोबारी स्थान पर कोई आपको परेशान करता है या उत्पीड़न करता है तो हमारे टोल-फ्री नंबर 155335 पर फोन कर हमें उसकी सूचना दें।’’
उन्होंने कहा, “हम आपको कारोबार और उद्योग के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराएंगे। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आपको परेशान न किया जाए।”
अधिकारी ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाले निवेशकों को भवन योजना, दाखिल-खारिज, भूमि उपयोग परिवर्तन और व्यापार लाइसेंस जैसी मंजूरियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार एकल-खिड़की व्यवस्था के तहत जरूरी मंजूरियां दिलाने में मदद करेगी।
अधिकारी ने कहा कि नौ मई को उनके मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य में ‘सिंडिकेट’ प्रथा और कारोबारियों से जबरन वसूली खत्म हो गई है।
मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर ‘मुफ्तखोरी की संस्कृति’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को नकद सहायता देकर निर्भर बनाए रखना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए लोगों को प्रति माह 500 रुपये देने की नीति अपनाई थी जो कि ‘बहुत खराब प्रथा’ है।
अधिकारी की यह टिप्पणी ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना से संबंधित मानी जा रही है, जिसके तहत शुरुआत में महिलाओं को 500 रुपये मासिक दिए जाते थे। यह राशि बाद में बढ़ाकर 1,500 रुपये की गई। मौजूदा भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलकर अन्नपूर्णा योजना किया और राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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