पटना, 19 मार्च (भाषा) बिहार सरकार प्रगतिशील नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना के विकास व रणनीतिक पहलों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा निवेशक-अनुकूल औद्योगिक परिवेश तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
‘इन्वेस्ट इंडिया’ और ‘जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ (जेट्रो) के सहयोग से बुधवार को आयोजित ‘वेबिनार’ में राज्य के उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि सरकार नए निवेश अवसरों को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ अपनी भागीदारी को सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है।
कुमार निवेश आयुक्त भी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो सुगम औद्योगिक विकास तथा दीर्घकालिक साझेदारी को सक्षम बनाता है।’’
आधिकारिक बयान के अनुसार, वेबिनार का एक प्रमुख आकर्षण गया में प्रस्तावित ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ (आईएमसी) रहा जिसे अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा पहल के तहत विकसित किया जा रहा है।
बोधगया के निकट स्थित यह संकुल बेहतर संपर्क सुविधा, घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच तथा विनिर्माण एवं निर्यातोन्मुख उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ प्रगतिशील नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना तथा आईएमसी गया जैसी रणनीतिक पहलों के साथ हमें विश्वास है कि भारत में विस्तार की इच्छा रखने वाले वैश्विक निवेशकों के लिए बिहार अपार अवसर प्रदान करता है।’’
वेबिनार के दौरान कुमार ने बिहार के औद्योगिक परिवेश, नीतिगत ढांचे और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें जापानी और अन्य वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
अधिकारियों ने निवेश आकर्षित करने के लिए 25 एकड़ तक मुफ्त भूमि आवंटन, क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे प्रोत्साहनों का भी उल्लेख किया।
वेबिनार में जेट्रो की वरिष्ठ निदेशक हारुका मारुयामा और सहायक निदेशक संदीप सिंह सहित ‘इन्वेस्ट इंडिया’ और बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भाषा कैलाश निहारिका
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