पटना, आठ जनवरी (भाषा) बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, तकनीक, सड़क परिवहन और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में इन उपलब्धियों को समेकित रूप से एक मंच पर लाने की आवश्यकता है, ताकि विकसित बिहार की नई तस्वीर पूरे देश के सामने प्रस्तुत की जा सके।
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट से पहले आयोजित सुझाव एवं मांग बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक और संचार के क्षेत्र में बिहार अगले पांच वर्षों में विकास की नई तस्वीर पेश करेगा और आगामी बजट में इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, सूचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यटन, करारोपण, वानिकी एवं पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आगामी बजट को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे।
मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की उपलब्धता, भवन मरम्मत, पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण तथा शोध कार्य को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) को मिलने वाले वार्षिक बजट में वृद्धि की मांग की गई।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कृषि बाजारों के आधुनिकीकरण, दलहनी और तिलहनी फसलों के उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने तथा फल और सब्जियों के संरक्षण के लिए राज्यभर में शीतगृह बनाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने राज्य में पान आयोग और पान मंडी की स्थापना की भी घोषणा की। साथ ही कहा कि आगामी पांच वर्षों में सब्जी उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाकर प्रतिवर्ष 400 लाख टन किया जाएगा और प्रत्येक प्रखंड में फूड चेन की स्थापना की जाएगी।
वाणिज्य कर विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे यादव ने कहा कि राज्य में राजमार्ग, रेल, हवाई अड्डा, तकनीक और उद्योगों की स्थापना के कारण बिहार अर्थव्यवस्था के नए स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि नए बिहार का निर्माण और रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने नगर विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरों में हुए विकास के अनुरूप कर का निर्धारण किया जाए।
भाषा कैलाश नोमान रमण
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