CG Bijli Vibhag: छत्तीसगढ़ में बिजली विभाग आम उपभोक्ताओं की काट रहे है कनेक्शन, लेकिन सरकारी विभागों पर मेहरबान, बकाया रकम जानकर उड़ जाएंगे होश

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CG Bijli Vibhag: छत्तीसगढ़ में बिजली विभाग आम उपभोक्ताओं की काट रहे है कनेक्शन, लेकिन सरकारी विभागों पर मेहरबान, बकाया रकम जानकर उड़ जाएंगे होश

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 04:44 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 04:48 PM IST

CG Bijli Vibhag Electricity Bill Recovery/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • रायगढ़ में बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई
  • 1200 से ज्यादा कनेक्शन काटे
  • सरकारी विभागों पर 120 करोड़ बकाया

रायगढ़: CG Bijli Vibhag: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बिजली के बकायादारों ने बिजली विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं से बिजली विभाग को लगभग 209 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल करनी है। आलम यह है कि वसूली का जिम्मा अब विजिलेंस टीम को सौंपा गया है। पिछले 15 दिनों में विजिलेंस टीम ने लगभग 1200 से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे हैं, जिनसे लगभग 35 लाख रुपए की रिकवरी हुई है।

सरकारी विभागों पर 120 करोड़ बकाया (Raigarh Electricity News)

CG Bijli Vibhag: खास बात यह है कि सरकारी विभागों पर लगभग 120 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया है, जिससे रिकवरी के मामले में विभाग सुस्त है। ऐसे में कांग्रेस डिस्कनेक्शन कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही है। दरअसल, रायगढ़ जिले में 2,83,000 बिजली उपभोक्ता हैं, जिनसे विभाग को 209 करोड़ रुपए के बिजली बिल की वसूली करनी है। निजी उपभोक्ताओं पर 89 करोड़ रुपए बकाया है, जबकि सरकारी विभागों पर लगभग 120 करोड़ रुपए का बिल बाकी है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी बिल न जमा होने पर आखिरकार बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने कार्रवाई शुरू की है। जांजगीर, सक्ती और कोरबा जिलों से आई विजिलेंस टीम ने पिछले एक पखवाड़े में 1,233 लोगों का कनेक्शन काटा है।

आम उपभोक्ताओं की लाइन काटकर हड़कंप मचा (Raigarh Electricity Dues)

CG Bijli Vibhag: विभाग की कार्रवाई से बकायादारों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने विभाग की इस कार्रवाई को गलत बताया है। कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटर की वजह से अनाप-शनाप बिल आ रहे हैं। आम उपभोक्ताओं की लाइन काटकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। करोड़ों रुपए का बकाया वाले सरकारी विभागों पर नरमी बरती जा रही है, जबकि 10,000 रुपए से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं की लाइन काटकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकारी विभागों पर 120 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया होने के बावजूद रिकवरी के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस जल्द इस मामले को लेकर आंदोलन करेगी।

इधर मामले में अधिकारी सफाई दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बकाया एरियर्स और बिल को लेकर नियामक आयोग ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बकाया बिल वाले सभी सरकारी विभागों को नोटिस जारी किया गया है। कुछ विभागों से राशि का समायोजन भी किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का लंबे समय से बिल बकाया था, उनकी लाइन काटी जा रही है। राशि जमा होने पर तुरंत कनेक्शन भी जोड़ा जा रहा है।

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रायगढ़ बिजली बकाया मामला" क्या है?

A1. "रायगढ़ बिजली बकाया मामला" में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बिजली विभाग के उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों पर लगभग 209 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है, जिसकी वसूली के लिए विजिलेंस टीम ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की है।

"रायगढ़ बिजली बकाया मामला" में सरकारी विभागों का कितना बकाया है?

A2. "रायगढ़ बिजली बकाया मामला" में सरकारी विभागों पर लगभग 120 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है, जबकि निजी उपभोक्ताओं पर लगभग 89 करोड़ रुपए का बकाया है।

"रायगढ़ बिजली बकाया मामला" पर कांग्रेस और अधिकारियों का क्या रुख है?

A3. "रायगढ़ बिजली बकाया मामला" में कांग्रेस का कहना है कि आम उपभोक्ताओं की लाइन काटना गलत है, जबकि अधिकारी कहते हैं कि नियामक आयोग के निर्देशानुसार लंबित बिलों की वसूली की जा रही है और बकाया राशि जमा होने पर तुरंत कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।