बिहार का अगले पांच साल में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश, एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य: मंत्री

बिहार का अगले पांच साल में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश, एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य: मंत्री

बिहार का अगले पांच साल में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश, एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य: मंत्री
Modified Date: April 6, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: April 6, 2026 4:09 pm IST

पटना, छह अप्रैल (भाषा) बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सोमवार को कहा कि राज्य का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार अगले पांच साल में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर एक करोड़ रोजगार सृजित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में उद्योग- अनुकूल माहौल बनाया गया है, जिससे बिहार पूर्वी भारत के उभरते विकास केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक (बियाडा एवं आईडीए) कुंदन कुमार भी मौजूद थे।

मंत्री ने बताया कि ‘सात निश्चय–3 (2025–2030)’ के तहत ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ को प्राथमिकता देते हुए कई नई नीतियां लागू की गई हैं। सरकार ने तीन उच्चस्तरीय शीर्ष समितियों का गठन किया है और सूक्ष्म, लघु एवं मझोला उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय तथा बिहार राज्य विपणन प्राधिकरण (बीएसएमए) की स्थापना को मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईआईपीपी) 2025 लागू किया गया है, जिसके तहत निवेशकों को निःशुल्क औद्योगिक भूमि, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) रिफंड और निर्यात आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को भी मंजूरी मिली है, जिसका उद्देश्य राज्य को पूर्वी भारत का प्रौद्योगिकी केंद्र बनाना है।

मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य को 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 17,217 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का प्रस्ताव है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के माध्यम से 317 निवेशकों को 404 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे 5,500 करोड़ रुपये का निवेश आने और 22,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, जेके लक्ष्मी सीमेंट, मदर डेयरी, अल्ट्राटेक और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां शामिल हैं।

भाषा कैलाश धीरज योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में