बिहार की विद्युत वितरण कंपनी पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ, एनबीपीडीसीएल को मिला स्वर्ण पुरस्कार

बिहार की विद्युत वितरण कंपनी पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ, एनबीपीडीसीएल को मिला स्वर्ण पुरस्कार

बिहार की विद्युत वितरण कंपनी पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ, एनबीपीडीसीएल को मिला स्वर्ण पुरस्कार
Modified Date: January 21, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: January 21, 2026 8:26 pm IST

पटना, 21 जनवरी (भाषा) बिहार की बिजली वितरण कंपनी नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) ने पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन (एआईडीए) ने “डिजिटल भुगतान में उपभोक्ता संतुष्टि में सुधार” के लिए एनबीपीडीसीएल को बुधवार को नई दिल्ली में स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया।

नयी दिल्ली में आयोजित बिजली वितरण उद्योग सम्मेलन (ईडीआईसीओएन) 2026 के दौरान केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया।

केंद्रीय मंत्री ने समेकित तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि (एटी एंड सी) में उल्लेखनीय कमी और वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए बिहार के ऊर्जा विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियां नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए उपभोक्ता संतुष्टि और डिजिटल सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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सम्मेलन के दौरान ‘स्मार्ट मीटर और डेटा विश्लेषण का प्रभावी उपयोग’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए ऊर्जा सचिव ने कहा, “स्मार्ट मीटर का उपयोग न केवल राजस्व संग्रहण के लिए, बल्कि उससे प्राप्त हो रहे आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से संचालन क्षमता को मजबूत करने एवं उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए भी किया जा सकता है।”

राज्य में स्मार्ट मीटर के व्यापक उपयोग पर उन्होंने बताया, “वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मजबूत राजनीतिक नेतृत्व में बिहार में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्ष 2021 में राज्य की दोनों वितरण कंपनियां घाटे में थीं, लेकिन विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर लगाये जाने, डिजिटल भुगतान में सुधार और बेहतर सेवा देने की प्रतिबद्धता के चलते दो साल के भीतर, वर्ष 2025 में, दोनों कंपनियों ने लाभ दर्ज किया।”

ऊर्जा सचिव ने बताया कि राज्य में शीघ्र एक एकीकृत पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्मार्ट मीटर से संग्रहित आंकड़ों का विश्लेषण कर आगामी वर्षों में एटी एंड सी नुकसान को 10 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

भाषा कैलाश नोमान रमण

रमण


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