बीआईएस ने सोने का हॉलमार्किंग शुल्क बढ़ाकर 75 रुपये किया

बीआईएस ने सोने का हॉलमार्किंग शुल्क बढ़ाकर 75 रुपये किया

बीआईएस ने सोने का हॉलमार्किंग शुल्क बढ़ाकर 75 रुपये किया
Modified Date: September 16, 2026 / 03:34 pm IST
Published Date: September 16, 2026 3:34 pm IST

मुंबई, 16 सितंबर (भाषा) भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने त्योहारों से पहले सोने के आभूषण का हॉलमार्किंग शुल्क बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया है, जबकि चांदी के लिए यह शुल्क 35 रुपये पर बरकरार रखा गया है। यह संशोधित हॉलमार्किंग शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

अबतक सोने के आभूषण का हॉलमार्क का निशान लगाने का शुल्क 45 रुपये था।

यह बढ़ोतरी 14 सितंबर, 2026 को अधिसूचित बीआईएस (हॉलमार्किंग) संशोधन विनियम, 2026 के तहत की गई है।

संशोधित अनुसूची चार के अनुसार, आभूषण कारोबारियों को सोने की प्रत्येक आभूषण के लिए 75 रुपये हॉलमार्किंग शुल्क देना होगा। हालांकि, एक खेप के लिए न्यूनतम शुल्क 200 रुपये होगा। वहीं, चांदी की वस्तुओं के लिए मान्यता प्राप्त जांच एवं हॉलमार्किंग केंद्रों (एएचसी) को प्रति इकाई 35 रुपये शुल्क देना होगा और एक खेप के लिए न्यूनतम शुल्क 150 रुपये होगा।

बीआईएस हॉलमार्किंग आभूषणों में इस्तेमाल की गई बहुमूल्य धातु की शुद्धता की पुष्टि करती है। बीआईएस के तहत प्रमाणित आभूषण पर तीन प्रमुख निशान – बीआईएस का लोगो (चिन्ह), कैरेट या मिलीसिमल फाइननेस और छह अंक का अल्फान्यूमेरिक कोड (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) होते हैं।

इस फैसले पर चिंता जताते हुए ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) ने सरकार और बीआईएस से शुल्क बढ़ोतरी की तत्काल समीक्षा करने तथा संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श होने तक मौजूदा शुल्क बरकरार रखने का आग्रह किया है।

जीजेसी के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि संगठन और आभूषण उद्योग ने हॉलमार्किंग का लगातार समर्थन किया है क्योंकि शुद्धता की गारंटी और उपभोक्ताओं का भरोसा इस कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनिवार्य अनुपालन की लागत में करीब 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बिना समीक्षा के अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हॉलमार्किंग का दायरा काफी बढ़ गया है और उद्योग यह समझना चाहता है कि इस समय प्रति इकाई शुल्क 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये करने की जरूरत क्यों पड़ी।

भाषा यासिर अजय

अजय


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