कोलकाता, 12 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य ने बड़े पैमाने पर औद्योगिकीकरण के लिए एक नई भूमि नीति की मंगलवार को वकालत की और निवेशकों को राज्य में भयमुक्त वातावरण का भरोसा दिया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पहली बार किसी उद्योग निकाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने शहरी भूमि सीमा अधिनियम को समाप्त करने और अनुबंध खेती शुरू करने की संभावना पर भी बात की। ये दोनों ही उद्योग एवं कॉरपोरेट घरानों की प्रमुख मांगें रही हैं।
इस समय पश्चिम बंगाल में अनुबंध खेती की अनुमति नहीं है। इस कदम से बड़े व्यावसायिक घरानों को कृषि एवं खाद्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश के लिए आकर्षित किया जा सकता है।
बंगाल नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीएनसीसीआई) की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के बिना राज्य का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक हस्तक्षेप और भूमि संबंधी बाधाओं ने लंबे समय से पश्चिम बंगाल में निवेश को हतोत्साहित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ भूमि सीमा से जुड़ी समस्याएं एक बड़ी बाधा हैं क्योंकि यहां की 85 प्रतिशत भूमि छोटे रकबे वाली है। इस पर विचार किया जा रहा है और हम इन बाधाओं को दूर कर सकते हैं।’’’
उन्होंने उद्योग जगत को नई सरकार की ओर से निर्णायक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भट्टाचार्य ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह सरकार की ओर से नहीं बोल रहे हैं और वह भाजपा शासन (मंत्रिमंडल) का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भूमि नीति हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के सफल मॉडल से प्रेरणा लेगी।
भाषा पाण्डेय निहारिका
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