नगालैंड के निचले 50 प्रतिशत परिवारों को कुल आय का केवल 18 प्रतिशत हिस्सा: रिपोर्ट
नगालैंड के निचले 50 प्रतिशत परिवारों को कुल आय का केवल 18 प्रतिशत हिस्सा: रिपोर्ट
कोहिमा, आठ मई (भाषा) नगालैंड के शीर्ष पांच प्रतिशत परिवारों को कुल आय का करीब 21 प्रतिशत और निचले 50 प्रतिशत परिवारों को कुल आय का केवल करीब 18 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। यह जानकारी एक सरकारी रिपोर्ट में दी गई है।
मुख्य सचिव सेंटियांगेर इमचेन द्वारा बृहस्पतिवार को जारी ‘नगालैंड में आय असमानता पर रिपोर्ट’ के अनुसार, राज्य के शीर्ष पांच प्रतिशत परिवारों की औसत मासिक आय 71,028 रुपये है जबकि निचले 50 प्रतिशत परिवारों की औसत मासिक आय केवल 1,639 रुपये है।
राज्य का गिनी गुणांक 0.46 दर्ज किया गया जो आय असमानता मापने का एक सामान्य पैमाना है। इसमें शून्य पूर्ण समानता और एक अत्यधिक असमानता को दर्शाता है।
यह रिपोर्ट सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण सहायता उप-योजना के तहत हैदराबाद विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार की गई है। यह अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच किए गए जमीनी सर्वेक्षण पर आधारित है।
सर्वेक्षण में नगालैंड के 60 शहरी वार्ड के 1,315 परिवार और 140 गांव के 3,080 परिवार शामिल थे।
निष्कर्षों से पता चला कि ग्रामीण क्षेत्रों में गिनी गुणांक 0.42 रहा जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 0.44 दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि शहरों में आय असमानता गांवों की तुलना में थोड़ी अधिक है।
जिलों में लॉन्गलेंग में आय असमानता सबसे अधिक रही जहां गिनी गुणांक 0.492 दर्ज किया गया जबकि फेक जिले में सबसे कम 0.366 असमानता रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लॉन्गलेंग में सबसे अधिक आय 0.456 असमानता रही जबकि झुन्हेबोटो में सबसे कम 0.330 दर्ज की गई।
शहरी क्षेत्रों में भी लॉन्गलेंग में सबसे अधिक 0.509 असमानता रही जबकि झुन्हेबोटो में सबसे कम शहरी आय असमानता 0.359 दर्ज की गई।
भाषा निहारिका
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